लिवर की समस्याएँ सिर्फ़ आपके पेट, आँखों या त्वचा पर ही नहीं, बल्कि आपके पैरों पर भी दिखाई देंगी। पैर लिवर की सेहत के शुरुआती लक्षणों में से एक हैं।
पैरों में खुजली, सूजन और थकान जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। समय रहते इसकी पहचान कर लेनी चाहिए। इससे बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। इलाज के दौरान बड़ी आपदा को रोका जा सकता है।
पैरों में लगातार सूजन
पैरों में लगातार सूजन चिंता का कारण बन सकती है। जब लिवर ठीक से काम नहीं करता, तो शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। जिससे पैरों और टखनों में सूजन आने लगती है। यह सूजन धीरे-धीरे बढ़ती है और सुबह से शाम तक बनी रहती है।
पैरों की नसों में सूजन के लिए भी डॉक्टर से इलाज करवाना पड़ सकता है। लिवर की बीमारी में रक्त प्रवाह प्रभावित होता है। इससे पैरों में नीली या बैंगनी रंग की नसें दिखाई देने लगती हैं। ये पतले जाल जैसी दिखती हैं और इनमें दर्द भी हो सकता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता का कमज़ोर होना
पैरों में थकान और भारीपन लिवर खराब होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं। इससे मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं। सुबह से ही पैरों में भारीपन, कमज़ोरी और थकान महसूस होती है।
पैरों की त्वचा पीली पड़ जाती है। अगर लिवर खराब हो रहा हो, तो शरीर में बिलीरुबिन का स्तर बढ़ जाता है। जिससे त्वचा काली और पीली दिखने लगती है।
पैरों की त्वचा का असामान्य रंग इसके शुरू होने का संकेत हो सकता है। पैरों पर बार-बार छाले पड़ना। कमज़ोर लिवर प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कमज़ोर करता है। इससे पैरों पर बार-बार छाले, घाव या संक्रमण हो सकते हैं जो जल्दी ठीक नहीं होते।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें भिन्न हो सकते हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना महत्वपूर्ण है।
