जो लोग हफ़्ते में ज़्यादा बार संभोग नहीं करते, उन्हें बहुत नुकसान होता है! जानिए संभोग की आवृत्ति बढ़ाने के 5 बड़े फ़ायदे…

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हाल के अध्ययनों से पता चला है कि संभोग की आवृत्ति का उम्र बढ़ने की प्रक्रिया से सीधा संबंध है। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 5,000 से ज़्यादा वयस्कों पर किए गए 5 साल के एक अध्ययन में पाया कि जो लोग हफ़्ते में 3 बार से कम संभोग करते हैं, उनमें 40 साल की उम्र तक उम्र बढ़ने के स्पष्ट लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

ये लक्षण न केवल बाहरी हैं, बल्कि आंतरिक भी हैं, जैसे – जोड़ों में दर्द, चेहरे पर झुर्रियाँ, बालों का सफ़ेद होना और ऊर्जा के स्तर में भारी गिरावट। संभोग की आवृत्ति का उचित स्तर क्या है?
शोध के अनुसार:
  • सप्ताह में एक बार या उससे कम सेक्स → त्वरित बुढ़ापा (15% छोटे टेलोमेरेस)
  • सप्ताह में 2-3 बार सेक्स → सामान्य बुढ़ापा (कोई खास असर नहीं)
  • सप्ताह में 3-4 बार सेक्स → सर्वोत्तम परिणाम (टेलोमेरेस 20% लंबे दिखाई देते हैं)
  • हफ़्ते में 5+ बार सेक्स → थकान और हार्मोनल असंतुलन (नकारात्मक प्रभाव)
अध्ययन में यह भी पाया गया कि जो जोड़े लंबे समय तक साथ रहते हैं और नियमित रूप से संभोग करते हैं, उनमें अवसाद और तलाक की दर भी काफी कम होती है।
संभोग की आवृत्ति बढ़ाने के 5 बड़े लाभ
उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है
नियमित संभोग से टेलोमेरेस लंबे रहते हैं। टेलोमेरेस हमारे डीएनए के सिरों पर मौजूद प्रोटीन कैप होते हैं जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को नियंत्रित करते हैं। कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय के 2017 के एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग हफ़्ते में 3-4 बार संभोग करते हैं, उनके टेलोमेरेस कम संभोग करने वालों की तुलना में काफी लंबे होते हैं।
तनाव कम करता है
संभोग की आवृत्ति बढ़ाने से ऑक्सीटोसिन नामक हार्मोन निकलता है, जिसे “प्रेम हार्मोन” भी कहा जाता है। यह हार्मोन चिंता और तनाव को कम करने में मदद करता है। एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से यौन संबंध बनाने वाले लोगों में कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर 30% कम था।
हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा
सप्ताह में 3-4 बार यौन संबंध बनाने से रक्त संचार बेहतर होता है और रक्तचाप नियंत्रण में रहता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से संभोग करने वाले पुरुषों में दिल का दौरा पड़ने का खतरा 45% कम हो जाता है।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
पर्याप्त संभोग आवृत्ति वाले लोगों में इम्युनोग्लोबुलिन A (IgA) का स्तर अधिक होता है। IgA एक एंटीबॉडी है जो शरीर को सर्दी-ज़ुकाम और अन्य संक्रमणों से बचाता है। एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग हफ़्ते में 2-3 बार संभोग करते हैं, उनमें IgA का स्तर 30% ज़्यादा होता है।
नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है।
उत्तेजना के बाद, प्रोलैक्टिन हार्मोन स्रावित होता है, जो गहरी और आरामदायक नींद लेने में मदद करता है। पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग सोने से पहले संभोग करते हैं, उनमें अनिद्रा की समस्या 75% कम होती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
डॉ. एमिली कार्टर (हार्वर्ड मेडिकल स्कूल) के अनुसार: “हमारा शोध साबित करता है कि संभोग की आवृत्ति बढ़ाने से न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर होता है। जो लोग हफ़्ते में 3-4 बार संभोग करते हैं, वे 50 साल की उम्र में भी 35 साल के दिखते हैं।”
डॉ. राजीव शर्मा क्या कहते हैं: “भारतीय समाज में संभोग की आवृत्ति पर खुलकर चर्चा नहीं की जाती, लेकिन यह स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण पहलू है। मैं अपने मरीज़ों को हफ़्ते में कम से कम 3 बार संभोग करने की सलाह देता हूँ।”
संभोग कितनी बार करना चाहिए?
शोध के अनुसार, हफ़्ते में 3-4 बार संभोग करना आदर्श माना जाता है। यह न केवल आपको जवां बनाए रखेगा, बल्कि आपको तनाव, हृदय रोग और अनिद्रा से भी बचाएगा। हालाँकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि ज़रूरत से ज़्यादा संभोग (हफ़्ते में 5+ बार) हानिकारक भी हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की योजना:
1-प्रश्न: हमें सप्ताह में कितनी बार सेक्स करना चाहिए?
उत्तर: शोध के अनुसार, 3-4 बार आदर्श है।
2-प्रश्न: क्या कम संभोग आवृत्ति से उम्र बढ़ती है?
उत्तर: हाँ, कम संभोग आवृत्ति टेलोमेरेस को छोटा कर देती है, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया तेज़ हो जाती है।
3-प्रश्न: क्या अत्यधिक संभोग हानिकारक है?
उत्तर: हाँ, सप्ताह में 5+ बार संभोग करने से थकान और हार्मोनल असंतुलन हो सकता है।
4-प्रश्न: संभोग आवृत्ति बढ़ाने के क्या लाभ हैं?
उत्तर: तनाव कम करता है, हृदय को स्वस्थ रखता है और बेहतर नींद आती है।
5-प्रश्न: क्या संभोग उम्र बढ़ने से रोकता है?
उत्तर: हाँ, नियमित संभोग आवृत्ति टेलोमेरेस को लंबा रखती है, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
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