रोज सुबह उठकर सिर्फ 5 मिनट करें ये योगासन, दिमाग हो जाएगा कंप्यूटर जितना तेज, दिल भी रहेगा जवान…

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अगर आप भी प्राकृतिक रूप से अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाना चाहते हैं, तो योग आपके लिए सबसे कारगर उपाय हो सकता है। यह न केवल मन को शांत करने के लिए, बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भी जाना जाता है।

योग कई बीमारियों से बचाव, शरीर में ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने और मन को स्थिर रखने में विशेष भूमिका निभाता है। ऐसे ही लाभकारी योगासनों में से एक है ‘सर्वांगासन’, जिसे आम बोलचाल की भाषा में शोल्डर स्टैंड भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर को कंधों पर संतुलित करता है।

आयुष मंत्रालय के अनुसार, सर्वांगासन हमारे शरीर की थायरॉइड और पैराथायरॉइड ग्रंथियों को सक्रिय करता है। जब हम इस आसन को करते हैं, तो सिर नीचे और पैर ऊपर होते हैं, जिससे गर्दन के पास रक्त प्रवाह बढ़ता है।

इससे थायरॉइड ग्रंथि को अधिक ऑक्सीजन और पोषण मिलता है, जिससे इसकी कार्यप्रणाली बेहतर होती है। यह हार्मोन संतुलन बनाए रखने और मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है। साथ ही, यह पैराथायरॉइड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जिससे हड्डियों में कैल्शियम का स्तर संतुलित रहता है।

शरीर की शक्ति

सर्वांगासन का अभ्यास करने से बाजुओं और कंधों की शक्ति बढ़ती है, क्योंकि इस आसन में शरीर का पूरा भार उन पर रहता है। इससे मांसपेशियाँ मज़बूत होती हैं और शरीर स्थिर होता है।

साथ ही, यह आसन रीढ़ की हड्डी को भी लचीलापन प्रदान करता है। जब हम इस आसन में रहते हैं, तो रीढ़ सीधी और संतुलित रहती है और पीठ दर्द से राहत मिलती है। यह मुद्रा शरीर को संतुलित और मज़बूत बनाने में मदद करती है।

दिमाग तेज़ होता है

यह मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। जब हम विपरीत दिशा में, यानी सिर नीचे और पैर ऊपर करके खड़े होते हैं, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण रक्त मस्तिष्क में आसानी से प्रवाहित होता है।

इससे मस्तिष्क को अच्छी मात्रा में ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे उसकी कार्यप्रणाली बेहतर होती है। यह एकाग्रता बढ़ाने, तनाव कम करने और मानसिक थकान दूर करने में मदद करता है। नियमित अभ्यास से याददाश्त तेज़ होती है और मन शांत होता है।

हृदय जवान रहेगा

इससे हृदय में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे उसकी कार्यक्षमता बेहतर होती है। जब हम इस आसन में होते हैं, तो शरीर उल्टा होता है जिससे हृदय और फेफड़ों तक रक्त का प्रवाह आसानी से होता है।

इससे हृदय को अधिक ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे वह अधिक मजबूती से कार्य करता है। यह आसन रक्तचाप को संतुलित रखने में भी मदद करता है और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है।

पाचन क्रिया अच्छी रहेगी

इन सबके अलावा, सर्वांगासन एक ऐसा योगाभ्यास है जो कब्ज, गैस और अपच जैसी पाचन समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है। जब हम यह आसन करते हैं, तो उदर के अंगों पर थोड़ा दबाव पड़ता है, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है और भोजन आसानी से पचता है।

इसके अलावा, यह आसन नसों और तंत्रिका तंत्र को आराम देता है। शरीर में रक्त प्रवाह संतुलित होता है, जिससे तनाव कम होता है और मन शांत रहता है।

सर्वांगासन कैसे करें?

सर्वांगासन करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएँ और अपने हाथों को अपनी जांघों पर रखें। फिर धीरे-धीरे अपने पैरों को पहले 30 डिग्री, फिर 60 डिग्री और अंत में 90 डिग्री तक उठाएँ।

अब अपने हाथों की मदद से पैरों को सिर की ओर लाएँ और हथेलियों को पीठ पर टिकाएँ। इस बीच, अपने शरीर को इस तरह सीधा करें कि आपकी ठुड्डी छाती को छुए। कुछ देर इसी स्थिति में रहें। फिर धीरे-धीरे अपनी प्रारंभिक स्थिति में आ जाएँ।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।

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