इन बीजों का सेवन करने से रक्त की अशुद्धियाँ दूर होंगी और पित्त बाहर निकल जाएगा! इसके ज़बरदस्त फ़ायदे यहाँ जानें…

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खसखस का इस्तेमाल कभी-कभार खाने-पीने की चीज़ों में किया जाता है। लेकिन खसखस ​​औषधीय गुणों से भरपूर है। इसके अनगिनत फायदे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बताया है कि खसखस ​​रक्त को शुद्ध करके शरीर को शुद्ध करता है।

खसखस गर्मियों में बहुत फायदेमंद होता है क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। खसखस ​​छोटे सफेद-भूरे रंग के बीज होते हैं। आयुर्वेद की चरक संहिता में इसके गुणों का वर्णन है, लेकिन अब वैज्ञानिक शोधों ने भी इस पर काफी शोध किया है।

आयुर्वेद में इसे खसखस ​​या खस्तिल कहा जाता है। चरक संहिता में इसे पित्त विकारों को शांत करने वाली जड़ी-बूटी कहा गया है।

खसखस के फायदे

पित्त दोष दूर करने वाला – आयुर्वेदाचार्य अमित ने बताया कि चरक संहिता में खसखस ​​को देर रात के भोजन में मिलाया जाता है, जिसकी शीतलता शरीर की गर्मी को कम करती है।

यह गर्मियों में पेट की सूजन, पैरों की सूजन और त्वचा संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में फायदेमंद है। यही वजह है कि लोग गर्मियों में खसखस ​​का जूस पीते हैं। यह न केवल शरीर को ठंडक पहुँचाता है, बल्कि मन को भी शांत करता है। गर्मियों में पित्त बढ़ने पर खसखस ​​का दूध या शरबत पीने से तुरंत आराम मिलता है।

रक्त शुद्ध करता है

खसखस पोषक तत्वों का भंडार है। यह प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, जिंक और आयरन जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसके अलावा, खसखस ​​में मौजूद ओमेगा-6 फैटी एसिड हृदय के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। खसखस ​​में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण मुक्त कणों से होने वाले नुकसान को कम करते हैं।

शोध से यह भी पता चला है कि यह प्राकृतिक रूप से रक्त को शुद्ध करता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। इसके अलावा, यह मानसिक तनाव को भी कम करता है। इन सभी गुणों के कारण, खसखस ​​का सेवन न केवल शरीर को ठंडक पहुँचाता है, बल्कि उसे शक्तिशाली भी बनाता है।

पाचन तंत्र को मज़बूत बनाता है

डॉ. अमित के अनुसार, खसखस पाचन तंत्र को मज़बूत बनाता है और कब्ज़ जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। खसखस ​​का शरबत या दूध पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और डिहाइड्रेशन की समस्या से राहत मिलती है। खसखस ​​का पानी पेट के pH लेवल को संतुलित रखता है, जिससे गर्मियों में एसिडिटी और पेट की जलन से राहत मिलती है।

मूड अच्छा करता है

एक अध्ययन बताता है कि खसखस ​​में मौजूद मैग्नीशियम बेहतर नींद में मदद करता है। यही वजह है कि दादी-नानी रात को सोने से पहले बच्चों को एक गिलास गर्म दूध में खसखस ​​डालकर पिलाती थीं ताकि उन्हें गहरी और सुकून भरी नींद आ सके। इसके सेवन से शरीर ठंडा रहता है और अतिरिक्त गर्मी व थकान दूर होती है। खसखस ​​खाने से मूड भी अच्छा होता है।

त्वचा में चमक आती है।

आयुर्वेद में, खसखस ​​के तेल का उपयोग दर्द निवारक के रूप में किया जाता है और यह जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में कारगर है। हाल के शोध भी खसखस ​​के इन पारंपरिक उपयोगों की पुष्टि करते हैं। इसके अलावा, यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है।

खसखस को दूध में पीसकर चेहरे पर लगाने से त्वचा की सूजन और मुंहासे कम होते हैं। एक अध्ययन में पाया गया है कि खसखस ​​में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करते हैं, जो गर्मियों में सूरज की किरणों से होने वाली त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए उपयोगी है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।

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