हमारे क्षेत्र में पाए जाने वाले कई पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं, जिनमें शहतूत का पौधा भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। शहतूत का फल न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है।
शहतूत में मीठा रस और कसैला रस होता है। इसमें शीतलता और पित्त-रोधी गुण होते हैं, जो पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिलाते हैं।
शहतूत एक अद्भुत औषधीय पौधा है, जिसके सेवन से कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। इसके फल, पत्ते और छाल का उपयोग स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जा सकता है। आयुर्वेद में, यह पौधा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, पेट की समस्याओं से राहत दिलाने और अन्य शारीरिक विकारों को दूर करने में सहायक है।
पेट की समस्याओं से राहत पाएँ
शहतूत का फल पित्त को शांत करता है और पेट की सूजन, गले में जलन, पेशाब में जलन और कब्ज जैसी सूजन संबंधी समस्याओं में बहुत फायदेमंद है। इसके सेवन से गैस्ट्राइटिस, गैस्ट्रिक अल्सर और पाचन संबंधी विकारों में भी आराम मिलता है।
पेट के कीड़ों को दूर करने में मददगार
आयुर्वेद में शहतूत की छाल का भी महत्वपूर्ण उपयोग है। इसकी छाल को उबालकर पीने से पेट के कीड़े दूर होते हैं। यह उपाय बच्चों और बड़ों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होता है। शहतूत का उपयोग प्राचीन काल से ही पेट की समस्याओं से राहत पाने के लिए किया जाता रहा है।
मुँह के छालों से भी राहत
शहतूत के पत्तों का काढ़ा मुँह के छालों के इलाज में मददगार होता है। अगर मुँह में छाले हों, तो शहतूत के पत्तों के काढ़े से दिन में दो से तीन बार गरारे करने से छाले जल्दी ठीक हो जाते हैं। इसके अलावा, शहतूत का फल कभी भी खाया जा सकता है और इसके सेवन से मुँह के छालों से भी राहत मिलती है।
दाद के लिए फायदेमंद है
दाद से पीड़ित लोगों को इसका इस्तेमाल ज़रूर करना चाहिए। नींबू को इसकी छाल के चूर्ण में मिलाकर प्रभावित जगह पर लगातार लगाने से काफी आराम मिलता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
