विटामिन बी12 एक आवश्यक पोषक तत्व है जो हमारे शरीर में रक्त निर्माण, तंत्रिका तंत्र के समुचित कार्य और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है। जब शरीर को इसकी पर्याप्त मात्रा नहीं मिलती, तो इसे विटामिन बी12 की कमी कहा जाता है। आजकल बहुत से लोग विटामिन बी12 की कमी से जूझ रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी सही जानकारी न होने के कारण उनके मन में कई सवाल उठते हैं। आइए, विशेषज्ञों से इन सवालों के जवाब जानें।
विटामिन बी12 की कमी का कारण क्या है?
जीटीबी अस्पताल, दिल्ली के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार बताते हैं कि विटामिन बी12 की कमी के कई मुख्य कारण हो सकते हैं। इनमें गलत खान-पान, पाचन संबंधी समस्याएं, दवाओं का प्रभाव और बढ़ती उम्र प्रमुख हैं। शाकाहारियों में विटामिन बी12 की कमी होने की संभावना ज़्यादा होती है क्योंकि यह मुख्य रूप से मांस, अंडे और दूध में पाया जाता है। ऐसे में शाकाहारियों में विटामिन बी12 की कमी होने की संभावना ज़्यादा होती है। शरीर में विटामिन बी12 की कमी के लक्षण क्या हैं?
- कमज़ोरी और थकान
- हाथों और पैरों में झुनझुनी या सुन्नपन
- याददाश्त कमज़ोर होना
- चिड़चिड़ापन और अवसाद
- त्वचा का पीला पड़ना
हमें विटामिन बी12 किन चीज़ों से मिलता है?
- मांस, मछली और अंडे
- दूध और दूध से बने उत्पाद (दही, पनीर)
- फोर्टिफाइड अनाज (कृत्रिम रूप से मिलाए गए विटामिन वाले अनाज)। सप्लीमेंट या बी12 इंजेक्शन एक अच्छा विकल्प हो सकता है। शाकाहारियों के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार विकल्प।
क्या विटामिन B12 की कमी खतरनाक हो सकती है? हाँ, अगर इस कमी को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है जैसे एनीमिया (खून की कमी), तंत्रिका तंत्र पर असर, हृदय संबंधी समस्याएँ, गर्भवती महिलाओं में शिशु का विकास रुकना और भी बहुत कुछ। इस विटामिन की कमी मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती है।
- अपने आहार में B12 से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें।
- ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार सप्लीमेंट या इंजेक्शन लें।
- शराब और धूम्रपान से बचें। क्योंकि इससे विटामिन के अवशोषण पर असर पड़ सकता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
