आजकल लोग अपने खान-पान पर ध्यान नहीं देते, लेकिन उन्हें पता ही नहीं होता कि वे अनजाने में एक बड़ी बीमारी को न्योता दे रहे हैं।
बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और शराब के बढ़ते सेवन के कारण लिवर संबंधी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। ख़ास तौर पर क्रोनिक लिवर डिज़ीज़ (सीएलडी) एक गंभीर समस्या बन गई है, जो बिना किसी स्पष्ट लक्षण के लिवर को पूरी तरह से नुकसान पहुँचाती है।
लिवर खराब होने के कारण
शराब का सेवन
अत्यधिक शराब पीने से लिवर पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे फैटी लिवर, हेपेटाइटिस और सिरोसिस जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। अगर शराब का सेवन पूरी तरह से बंद नहीं किया गया, तो लिवर धीरे-धीरे पूरी तरह से खराब हो सकता है।
मोटापा और अधिक वसा का सेवन
अतिरिक्त वजन और पेट की चर्बी बढ़ने से नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति बिना शराब पिए भी लिवर को नुकसान पहुँचा सकती है और बाद में लिवर सिरोसिस में बदल सकती है।
मीठे और कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ
अत्यधिक नमक और कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थ खाने से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ जाता है, जिससे लीवर में वसा जमा हो जाती है। धीरे-धीरे यह समस्या लीवर को नुकसान पहुँचाने लगती है।
हेपेटाइटिस वायरस संक्रमण
हेपेटाइटिस बी और सी वायरस धीरे-धीरे लीवर को संक्रमित और क्षतिग्रस्त कर सकते हैं। यह संक्रमण रक्त और शरीर के तरल पदार्थों के माध्यम से फैलता है। समय पर टीकाकरण और जाँच से इससे बचा जा सकता है।
दवाओं और स्टेरॉयड का अत्यधिक उपयोग
कुछ दवाएं और स्टेरॉयड लंबे समय तक लेने पर लिवर पर बुरा असर डाल सकते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक और स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने से लिवर खराब होने का खतरा बढ़ जाता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के तरीके
अगर आप अपने लिवर को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो शराब पीना बंद कर दें। धीरे-धीरे इसे पूरी तरह से छोड़ने की आदत डालें। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम से मोटापा कम करें, वज़न नियंत्रित रखें। साथ ही, मीठे और कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
ज़्यादा चीनी लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालती है। ऐसी स्थिति में नियमित व्यायाम करें। योग और व्यायाम शरीर में मेटाबॉलिज़्म को बेहतर बनाते हैं। समय-समय पर अपने लिवर की जाँच करवाएँ, क्योंकि अगर बीमारी का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इलाज आसान हो जाता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
