टॉन्सिल के लिए एक बेहतरीन उपाय, इस पत्ते का सिर्फ एक बार सेवन आपको आराम देगा…

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सर्दियों में मौसम में बदलाव और धूल-मिट्टी के कारण गले में संक्रमण हो जाता है। इनमें टॉन्सिलाइटिस सबसे आम समस्या है, जो हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। इसमें गले के अंदरूनी हिस्सों में सूजन और दर्द होता है। मौसम बदलने से यह समस्या और बढ़ जाती है। टॉन्सिलाइटिस के कारण रोगी को खाने-पीने में भी दिक्कत होती है। अगर आप भी टॉन्सिल की समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आचार्य बालकृष्ण के इस उपाय को अपना सकते हैं।

प्राचार्य क्या कहते हैं?

आचार्य बालकृष्ण बताते हैं कि टॉन्सिल के इस रोग, जिसे आयुर्वेदिक भाषा में गण्डमाला कहा जाता है, में गले के टॉन्सिल अक्सर कानों तक बढ़ जाते हैं, जिससे गले और कानों के आसपास की त्वचा में दर्द होता है।

ऐसी स्थिति में, आमतौर पर लोगों को ऑपरेशन करवाने की सलाह दी जाती है। सर्जरी के बाद बच्चों को कई अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए, आपको घरेलू उपचारों की मदद से ही इसका इलाज करना चाहिए।
क्या उपाय है?
टॉन्सिल ठीक करने के लिए आपको निर्गुंडी के पत्तों के पानी से गरारे करने होंगे। इसके लिए आपको कुछ पत्तों को पानी में अच्छी तरह उबालकर तैयार करना होगा।
इस मिश्रण से सुबह और शाम 5 मिनट तक गरारे करने चाहिए। इसके अलावा, निर्गुंडी के पत्तों का पेस्ट बनाकर गले पर लगाने से सूजन कम होती है।
अन्य उपाय
  • गरारे करें फिटकरी के पानी के साथ।
  • दालचीनी और शहद मिलाकर खाएं।
  • हल्दी और काली मिर्च मिलाकर दूध पिएं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
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