भगवान का ही दूसरा रूप है ये पौधा, खुद तो नष्ट हो जाएगा लेकिन आपको इन 5 मुसीबतों से बचाएगा…

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मदार, जिसे आम बोलचाल की भाषा में आक का पौधा भी कहा जाता है, एक चमत्कारी पौधा है जिसे भगवान शिव और गणेश की पूजा में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह पौधा न केवल धार्मिक दृष्टि से विशेष है, बल्कि इसके औषधीय गुण भी अमूल्य हैं।

मदार के पौधे दो प्रकार के होते हैं – एक बैंगनी फूलों वाला और दूसरा सफेद फूलों वाला। सफेद फूलों वाले इस पौधे का आयुर्वेद में विशेष उपयोग है।

धार्मिक महत्व

ऐसा माना जाता है कि बुधवार या सोमवार को सफ़ेद आक की जड़ की पूजा करके उसे चाँदी के ताबीज में धारण करने से बुध ग्रह की पीड़ा दूर होती है और बुद्धि तीव्र होती है।

इसके अलावा, 113 साल पुराने आक के पौधे की जड़ें अक्सर भगवान गणेश का रूप धारण कर लेती हैं, जिनकी पूजा से सुख-समृद्धि आती है।

औषधीय गुण

जोड़ों के दर्द का रामबाण उपाय

अगर आपके घर में कोई बुज़ुर्ग जोड़ों के दर्द से परेशान है, तो मदार के पत्तों का इस्तेमाल करें। इसके लिए, ताज़ी पत्तियों को धीमी आँच पर गर्म करके दर्द वाली जगह पर बाँध लें। इससे दर्द से तुरंत राहत मिलती है। आप पत्तियों पर सरसों का तेल लगाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। गरम।

त्वचा रोगों के लिए लाभदायक

छाछ में एंटी-फंगल गुण होते हैं। इसे हल्दी में मिलाकर लगाने से दाद, खाज, खुजली, फंगल संक्रमण और एक्जिमा जैसी समस्याओं में लाभ होता है।

बवासीर का उपचार

अगर किसी को बवासीर की समस्या है, तो हल्दी को माँ के दूध में मिलाकर बवासीर पर लगाएँ। नियमित उपयोग से छोटे मस्से 7-10 दिनों में ठीक हो जाते हैं, जबकि बड़े मस्से के लिए इस उपचार में एक महीने तक का समय लगता है। यह सर्जरी से बेहतर और सुरक्षित उपाय माना जाता है।

दांत दर्द से राहत

दांत दर्द होने पर माँ का दूध मसूड़ों पर लगाने से तुरंत आराम मिलता है। यह एक प्रभावी घरेलू उपाय है जिसका उपयोग प्राचीन काल से गाँवों में किया जाता रहा है।

बांझपन का इलाज

आयुर्वेद में बांझपन की समस्या के इलाज के लिए बबूल के पत्तों का भी इस्तेमाल किया जाता है। हालाँकि, इसका इस्तेमाल किसी अनुभवी चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए।

सावधानी

मिल्क थीस्ल में विषैले तत्व होते हैं, इसलिए इसका उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। गर्भवती महिलाओं को इस पौधे से बचना चाहिए क्योंकि इसका दूध गर्भपात का कारण बन सकता है।

निष्कर्ष

मदार का पौधा अपने धार्मिक और औषधीय गुणों के लिए विशेष महत्व रखता है। अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए, तो यह कई गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद कर सकता है।

नोट: इस लेख में दी गई सभी जानकारी विभिन्न स्रोतों जैसे – पंचांग/उपदेश/धार्मिक मान्यताओं/ज्योतिषियों/शास्त्रों से संकलित करके आप तक पहुँचाई गई है। हमारा उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है। हमारी वेबसाइट इसकी पुष्टि नहीं करती है। इसके लिए किसी विशेषज्ञ की सलाह लें।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।

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