हृदय रुकावट के लक्षणों में सीने में दर्द, साँस लेने में तकलीफ, थकान और पैरों में सूजन शामिल हो सकते हैं। चक्कर आना, बेहोशी और अनियमित दिल की धड़कन जैसे अन्य लक्षण भी हो सकते हैं।
हृदय रुकावट तब होती है जब आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। जब कोलेस्ट्रॉल बहुत अधिक हो जाता है, तो हृदय की धमनियाँ अवरुद्ध होने लगती हैं।
हृदय रुकावट के लक्षण
सीने में दर्द: सीने में अचानक जकड़न, दबाव, दबाव या दर्द हो सकता है। इसलिए ये हृदय रुकावट के लक्षण हो सकते हैं।
थकान: असामान्य या अत्यधिक हो सकती है
चक्कर आना: हल्का सिरदर्द या अचानक चक्कर आ सकते हैं
बेहोशी: अचानक या लगभग हो सकती है
अनियमित दिल की धड़कन: ऐसा महसूस होना जैसे आपका दिल धड़कना बंद हो गया हो
हृदय संबंधी लक्षण कब दिखाई देते हैं?
हृदय की धमनियों में 70% या उससे अधिक रुकावट होने पर हृदय की रुकावट के गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं। इस स्थिति में शरीर में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता, जिससे कई समस्याएं होने लगती हैं।
अगर आपको सीढ़ियाँ चढ़ते, तेज़ चलते या दौड़ते समय साँस लेने में तकलीफ होती है और आपको रुकना पड़ता है, तो यह हृदय की रुकावट का एक गंभीर संकेत हो सकता है। रुकने से ये लक्षण अस्थायी रूप से कम हो सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि समस्या दूर हो गई है।
इसका मतलब है कि आपके हृदय में पहले से ही बहुत सारी रुकावटें हैं। ऐसे में इस समस्या को नज़रअंदाज़ करना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे दिल का दौरा जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
हृदय की रुकावट का पता लगाने के लिए एक आसान परीक्षण
अगर आपको ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस हो, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। हृदय की रुकावट का पता लगाने के लिए सबसे सटीक और विश्वसनीय परीक्षण एंजियोग्राफी है। यह एक विशेष प्रकार का एक्स-रे परीक्षण है जो हृदय की स्थिति का पता लगाता है। आपकी धमनियों में रुकावट।
एंजियोग्राफी के दौरान, डॉक्टर आपके रक्त प्रवाह को देखने के लिए आपकी धमनियों में एक विशेष डाई इंजेक्ट करते हैं। इस डाई की मदद से एक्स-रे से स्पष्ट रूप से पता चल सकता है कि रुकावट कहाँ है और कितनी गंभीर है।
समय पर उपचार की आवश्यकता
हृदय की रुकावट का समय पर उपचार बहुत ज़रूरी है, क्योंकि अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए, तो यह दिल के दौरे जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकता है। एंजियोग्राफी से यह भी पता चलता है कि रुकावट कितनी बड़ी है और इसे कैसे ठीक किया जा सकता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
