आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है। चाहे ऑफिस में घंटों बैठे रहना हो या घर पर मोबाइल और लैपटॉप पर झुके रहना, कमर और पीठ की समस्याएँ ज़िंदगी का हिस्सा बनती जा रही हैं।
कई लोग इसके लिए दर्द निवारक दवाएँ लेते हैं। लेकिन इससे निपटने का असली तरीका योग है। अगर आप भी कमर दर्द से परेशान हैं, तो रोज़ाना सिर्फ़ दो योगासन करके आप अपने दर्द को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
भुजंगासन
भुजंगासन करने के लिए पेट के बल लेटना होता है और फिर हाथों की मदद से शरीर के ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाना होता है। भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मज़बूत बनाता है। कमर की अकड़न को कम करता है और पीठ दर्द से राहत देता है। इसके अलावा, यह पेट की मांसपेशियों को भी मज़बूत बनाता है।
– पेट के बल लेट जाएँ, अपने पैर सीधे रखें।
– अपनी हथेलियों को अपने कंधों के पास ज़मीन पर रखें।
– गहरी साँस लें और धीरे-धीरे अपनी छाती को ऊपर उठाएँ।
– इस मुद्रा में केवल 20-30 सेकंड तक रहें और फिर वापस आ जाएँ।
शलभासन
यह योगासन भी पेट के बल लेटकर किया जाता है और पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत बनाता है। शलभासन कमर की मज़बूती बढ़ाता है। रीढ़ की हड्डी में लचीलापन लाता है और पीठ के निचले हिस्से की अकड़न को कम करता है। यह पेट और जांघों की चर्बी कम करने में भी मदद करता है।
– पेट के बल लेट जाएं, हाथों को शरीर से सटाकर रखें।
– सांस लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ ऊपर उठाएं।
– हो सके तो अपनी छाती और बाजुओं को थोड़ा ऊपर उठाएं।
– इसके बाद 20-30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और फिर वापस आ जाएं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। निदान या उपचार। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
