जीवनशैली में बदलाव ने हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। जैसे-जैसे हमारी शारीरिक निष्क्रियता बढ़ती है, भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। बचपन से ही इस पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी है। ऑफिस हो या व्यवसाय, कई लोग ऐसे हैं जो दिन में 8-10 घंटे बैठे रहते हैं। इसका एक दुष्परिणाम यह है कि युवाओं में पीठ दर्द की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है।
अगर इस तरह के दर्द का समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है, जिससे सामान्य जीवन-यापन भी बाधित हो सकता है। 48% भारतीय पीठ दर्द से पीड़ित हैं एक हालिया मीडिया रिपोर्ट बताती है कि भारत में लगभग 48% लोग पीठ दर्द से पीड़ित हैं। यूके-यूएस में यह दर ज़्यादा है। हालाँकि, अगर इस तरह के दर्द को शुरुआती दौर में ही पहचान लिया जाए और समय पर इलाज किया जाए, तो इसके गंभीर होने का ख़तरा कम किया जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी की डिस्क पर दबाव बढ़ता है। मांसपेशियों में ऐंठन और बैठने की गलत मुद्रा के कारण भी पीठ दर्द हो सकता है। आगे चलकर, इससे डिस्क डीजनरेशन और साइटिका जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
पीठ दर्द के इन कारणों पर ध्यान दें
पीठ दर्द के लिए कई अन्य कारण भी ज़िम्मेदार पाए गए हैं, जिन पर सभी को ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कम शारीरिक गतिविधि करने वाले लोग इससे पीड़ित हो सकते हैं; व्यायाम की कमी से मांसपेशियां कमज़ोर हो जाती हैं।
ज़्यादा वज़न या मोटापे से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। स्क्रीन को गलत मुद्रा में देखने से गर्दन और पीठ पर असर पड़ता है। भारी वज़न उठाते समय भी सावधानी बरतें। गलत तरीके से वज़न उठाने से पीठ पर दबाव बढ़ता है।
पीठ दर्द से कैसे बचें?
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देकर आप इस समस्या के जोखिम को कम कर सकते हैं।
- बैठते, खड़े और सोते समय सही मुद्रा बनाए रखें।
- योग, स्ट्रेचिंग और हल्का व्यायाम मांसपेशियों को मज़बूत बनाने में मदद करते हैं।
- अपना वज़न नियंत्रण में रखें। इसके लिए, संतुलित आहार लें और नियमित व्यायाम करें।
- लंबे समय तक बैठने से बचें। हर 30-40 मिनट में उठें और हल्की स्ट्रेचिंग करें।
- कैल्शियम, विटामिन डी और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
