कई लोग पाते हैं कि वे रोज़ाना सुबह 3 से 5 बजे के बीच बिना अलार्म के जाग जाते हैं। नींद विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ़ एक संयोग नहीं है, बल्कि आपकी बॉडी क्लॉक, जीवनशैली और तनाव के स्तर से सीधे तौर पर जुड़ा हो सकता है।
हमारे शरीर में 24 घंटे की एक आंतरिक लय होती है, जिसे सर्कैडियन चक्र कहा जाता है। यह चक्र हार्मोन, तापमान और नींद के चक्रों को नियंत्रित करता है।
नींद में सुधार के लिए क्या किया जा सकता है?
नींद के पैटर्न को समझें: अपनी नींद की गतिविधियों को किसी जर्नल या मोबाइल ऐप से ट्रैक करें।
स्क्रीन से दूर रहें: सोने से पहले फ़ोन, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल कम से कम करें।
कैफ़ीन-अल्कोहल से बचें: सोने से पहले कॉफ़ी, चाय या अल्कोहल न पिएँ।
तनाव कम करें: दिन में साँस लेने के व्यायाम, टहलना या जॉगिंग करें।
समय-सारिणी तय करें: अपने शरीर के क्रोनोटाइप के अनुसार रोज़ाना सोने-जागने का समय रखें।
अगर आप लगातार सुबह 3 से 5 बजे के बीच जागते हैं, तो समझ लें कि आपका शरीर आपको अपने तनाव, जीवनशैली या दैनिक कार्यक्रम में बदलाव करने की चेतावनी दे रहा है। अगर आप समय रहते ध्यान दें, तो आप अपनी दिनचर्या की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं। नींद।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
