किसी बच्चे को मोबाइल की लत लग गई है, यहां जानें मोबाइल की आदत छुड़ाने के आसान उपाय…

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आजकल दो साल से कम उम्र के बच्चे भी मोबाइल फ़ोन पकड़े नज़र आते हैं और फ़ोन छिनते ही रोने लगते हैं। मोबाइल फ़ोन के लगातार इस्तेमाल से उनकी आँखों पर बुरा असर पड़ता है और सोचने-समझने की क्षमता भी प्रभावित होती है।

लंबे समय तक स्क्रीन पर रहने के कारण, वे एक ही जगह बैठे रहते हैं, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

कम उम्र में ही बच्चों में वज़न बढ़ना, कमज़ोर नज़र, चिड़चिड़ापन और तनाव जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं, जिसका एक मुख्य कारण ज़्यादा स्क्रीन टाइम है।

माता-पिता अक्सर इस आदत (मोबाइल की लत) से छुटकारा पाने के लिए गुस्सा या सख़्ती बरतते हैं, लेकिन यह सही उपाय नहीं है। इसके बजाय, बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के दूसरे तरीके अपनाएँ।

अपने बच्चे की मोबाइल की लत कैसे छुड़ाएँ?

बच्चों को खेल सिखाएँ: आजकल बच्चे मोबाइल या टीवी के सामने ज़्यादा समय बिताते हैं, जिससे उनकी शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है। इसके बजाय, उन्हें दौड़ने, कूदने, साइकिल चलाने, किताबें पढ़ने, चित्रकारी करने या संगीत सीखने के लिए प्रोत्साहित करें।

उन्हें खेलने के लिए बाहर ले जाएँ या घर पर मज़ेदार खेल खिलाएँ। खिलौने, पहेलियाँ और बोर्ड गेम भी अच्छे विकल्प हैं। जब बच्चे सक्रिय होंगे और खेलने का आनंद लेंगे, तो वे स्वतः ही स्क्रीन से दूर रहेंगे और खुश रहेंगे।

बच्चों के लिए एक दिनचर्या बनाएँ: अगर बच्चे को दिन भर मोबाइल इस्तेमाल करने या टीवी देखने की अनुमति दी जाए, तो उसे इसकी आदत हो जाएगी। इसलिए, उनके खाने, खेलने, पढ़ाई और सोने का एक कार्यक्रम बनाएँ।

जब बच्चों को पता होगा कि स्क्रीन का समय सीमित है, तो वे ज़िद नहीं करेंगे। साथ ही, कहानियाँ सुनाना, कोई नया खेल आज़माना आदि जैसी मज़ेदार गतिविधियाँ करें। धीरे-धीरे उनका ध्यान केंद्रित होने लगेगा। अन्य चीज़ों पर ध्यान दें और वे स्क्रीन से दूर रहना सीखेंगे।

अपने बच्चों के लिए एक अच्छा उदाहरण बनें: बच्चे वही करते हैं जो वे अपने माता-पिता को करते देखते हैं। अगर आप खुद मोबाइल या टीवी पर ज़्यादा समय बिताते हैं, तो आपका बच्चा भी ऐसा ही करेगा। इसलिए, सबसे पहले अपना स्क्रीन टाइम कम करें और अपने समय का समझदारी से इस्तेमाल करें।

बच्चों के साथ खेलें, उनसे बातें करें और उनके साथ अच्छा समय बिताएँ। जब वे देखेंगे कि आप मोबाइल या टीवी के बिना भी मज़े कर सकते हैं, तो वे भी इसे अपनाएँगे।

स्क्रीन का इस्तेमाल सिर्फ़ सीखने के लिए करें: अगर बच्चे को स्क्रीन दिखाना ज़रूरी है, तो उसका इस्तेमाल सिर्फ़ पढ़ाई या सीखने के लिए करें। छोटे ज्ञानवर्धक वीडियो, शैक्षिक ऐप या ऑनलाइन कक्षाओं को प्राथमिकता दें। इससे न सिर्फ़ स्क्रीन समय बिताने का एक ज़रिया बनेगी, बल्कि बच्चे को कुछ नया सीखने में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा, यह भी ज़रूरी है कि माता-पिता खुद इस बात पर नज़र रखें कि उनका बच्चा क्या देख रहा है। जब बच्चा स्क्रीन से कुछ अच्छा और नया सीखेगा, तो उसका ध्यान बेकार की सामग्री से हट जाएगा।

बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने के लिए नए विकल्प दें: अक्सर बच्चे बोरियत के कारण मोबाइल या टीवी देखने लगते हैं। ऐसे में उन्हें कुछ और करने के लिए प्रेरित करें।

उन्हें ड्राइंग, पहेलियाँ, किताबें पढ़ने या क्राफ्ट जैसी चीज़ों में व्यस्त रखें। उन्हें खेलने के लिए बाहर भेजें या दोस्तों के साथ खेलने को कहें। जब उनके पास मज़ेदार काम होंगे, तो वे अपने आप स्क्रीन से दूर रहेंगे।

स्क्रीन-मुक्त क्षेत्र बनाएँ: घर में कुछ ऐसी जगहें निर्धारित करें जहाँ मोबाइल फ़ोन या टीवी का इस्तेमाल सख्त मना हो, जैसे डाइनिंग टेबल, बेडरूम और परिवार के साथ समय बिताते समय। खाना खाते समय मोबाइल फ़ोन देखने से खाने से ध्यान भटक सकता है और परिवार के साथ बातचीत कम हो सकती है। इसी तरह, सोने से पहले स्क्रीन का इस्तेमाल नींद को प्रभावित कर सकता है। इसलिए, कुछ समय और जगहों पर स्क्रीन का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दें।

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