भारत को ‘मधुमेह की राजधानी’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ यह बीमारी एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। गलत जीवनशैली और खानपान के कारण प्री-डायबिटीज़ के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के दो साल पहले के आँकड़ों के अनुसार, देश में 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटीज़ से पीड़ित हैं, यानी उनके शरीर में मधुमेह के शुरुआती लक्षण दिखने लगे हैं।
अगर इस स्थिति को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह टाइप-2 मधुमेह में बदल सकती है। इसलिए, शरीर में इन प्री-डायबिटीज़ के संकेतों को पहचानना बेहद ज़रूरी है। आइए जानते हैं उन 8 संकेतों के बारे में जो बताते हैं कि आपके शरीर में मधुमेह की शुरुआत हो रही है:
(1) धुंधली आँखें या कमज़ोर दृष्टि: अगर आपको अचानक धुंधली दृष्टि या धुंधलापन महसूस होता है, तो यह रक्त शर्करा के स्तर में वृद्धि का संकेत हो सकता है। यह ऑप्टिक तंत्रिका को प्रभावित कर सकता है, जिससे दृष्टि संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।
(2) गर्दन, बगल या कमर के आसपास की त्वचा का काला पड़ना: अगर आपकी गर्दन, बगल या कमर के आसपास की त्वचा अचानक काली पड़ने लगे, तो यह इंसुलिन प्रतिरोध का संकेत हो सकता है। इंसुलिन प्रतिरोध प्री-डायबिटीज़ का एक प्रारंभिक लक्षण है, और ऐसा संकेत मिलते ही आपको सतर्क हो जाना चाहिए। गर्दन के आसपास चर्बी जमा होने से इंसुलिन प्रतिरोध और मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा भी बढ़ सकता है।
(3) गर्दन, बगल या पलकों पर छोटे-छोटे स्किन टैग्स का बढ़ना: अगर आपकी गर्दन, बगल या पलकों पर छोटे, मुलायम स्किन टैग्स अचानक दिखाई देते हैं और बढ़ जाते हैं, तो यह उच्च इंसुलिन स्तर से जुड़ा हो सकता है, जो मधुमेह का प्रारंभिक संकेत हो सकता है।
(4) कमर का अत्यधिक आकार: अगर आपकी कमर का आकार आपके शरीर की लंबाई के आधे से ज़्यादा है, तो यह पेट के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होने का संकेत है। यह स्थिति इंसुलिन प्रतिरोध और मधुमेह के खतरे को बढ़ाती है। कमर का स्वस्थ आकार बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
(5) स्वस्थ जीवनशैली के बावजूद उच्च रक्तचाप: अगर स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के बावजूद आपका रक्तचाप उच्च बना रहता है, तो यह मधुमेह का संकेत हो सकता है। जब शरीर में इंसुलिन की मात्रा बहुत अधिक हो जाती है, तो यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देता है, जिससे उच्च रक्तचाप हो सकता है।
(6) बार-बार पेशाब आना: अगर आपको रात में या दिन में सामान्य से ज़्यादा पेशाब आने की ज़रूरत महसूस होती है, तो यह उच्च रक्त शर्करा के स्तर का संकेत हो सकता है। जब रक्त शर्करा का स्तर अधिक होता है, तो गुर्दे उसे छानने के लिए ज़्यादा मेहनत करते हैं, जिससे ज़्यादा मूत्र बनता है।
(7) ज़्यादा प्यास लगना: ज़्यादा प्यास लगना भी डायबिटीज़ का एक आम लक्षण है। जब ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो शरीर कोशिकाओं से पानी खींच लेता है, जिससे आपको लगातार प्यास लगती है।
(8) थकान: अगर आपको लगातार थकान महसूस होती है और पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आप तरोताज़ा महसूस नहीं करते हैं, तो यह भी प्री-डायबिटीज़ का लक्षण हो सकता है। ऐसा शरीर द्वारा शुगर का सही इस्तेमाल न करने के कारण हो सकता है।
अगर आप यदि आपको अपने शरीर में इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और आवश्यक जाँच करवाएँ। मधुमेह का प्रारंभिक अवस्था में निदान उचित आहार और जीवनशैली में बदलाव लाकर नियंत्रित किया जा सकता है और टाइप-2 मधुमेह के जोखिम को कम किया जा सकता है। आपका स्वास्थ्य आपकी जागरूकता और सावधानी पर निर्भर करता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
