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आजकल गलत खान-पान की वजह से कम उम्र में ही कैल्शियम और मैग्नीशियम की कमी देखने को मिलती है। ऐसे में इस खास लड्डू का सेवन आपको फायदा पहुँचा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ शीना मल्होत्रा ने इस बारे में जानकारी साझा की है।
सामग्री
- मखाना: 1 कप
- रागी: 1 कप
- खजूर: 2 से 4
- तिल आधा कप
बनाने का तरीका
- सबसे पहले, मखाने को धीमी आँच पर सूखा भून लें।
- अब उसी कड़ाही में रागी को हल्का सा भून लें।
- तिल को खुशबू आने तक हल्का सा भून लें।
- अब मखाने, रागी और खजूर को ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें।
- मोटे पदार्थ को एक कटोरे में निकाल लें।
- अब इसमें तिल डालें।
- कछुल को बाँधने के लिए एक छोटा चम्मच घी डालें।
- मिश्रण को मिलाएँ और हाथ से छोटे-छोटे कछुल बना लें।
- कछुल को 10 से 15 मिनट।
- इसे एक एयरटाइट कंटेनर में रखें।
इस करछुल को खाने के फायदे
- रागी, मखाना और तिल में कैल्शियम होता है, जो हड्डियों को मज़बूत बनाने में मदद करता है।
- तिल में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द को कम करने में मदद करते हैं।
- यह करछुल हड्डियों की सूजन कम करता है।
- ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से राहत देता है।
- इसमें मौजूद खनिज हड्डियों को लचीला और मज़बूत बनाते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
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