इस फल को खाने से प्रजनन क्षमता बढ़ेगी और कैंसर जैसी बीमारियों से बचाव होगा।

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आप में से कई लोगों ने रामबुतान का नाम नहीं सुना होगा। यह लीची जैसा दिखने वाला एक फल है। इसका स्वाद हल्का मीठा और खट्टा होता है। इसकी छाल पर लाल रंग के रोएँ होते हैं।

इसे छीलकर सलाद के रूप में या स्मूदी या मिठाई में मिलाकर खाया जाता है। रामबुतान के स्वाद के साथ-साथ इसके स्वास्थ्य लाभ भी हैं।

रामबुतान भारत के दक्षिणी राज्यों (केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु) में आसानी से उपलब्ध है। इसमें फाइबर, विटामिन, आयरन और ज़िंक जैसे कई पोषक तत्व होते हैं। यही वजह है कि इसे खाने से कई स्वास्थ्य लाभ होते हैं।

जीवाणुरोधी और एंटीसेप्टिक गुण: प्राचीन काल में रामबुतान का उपयोग जीवाणुरोधी के रूप में भी किया जाता था। कुछ अध्ययनों में यह भी दावा किया गया है कि इसमें एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। यह शरीर को संक्रमण से बचाता है। यह घाव को जल्दी भरता है और मवाद नहीं बनता।

कामेच्छा और प्रजनन क्षमता बढ़ाएँ: रामबुतान के पत्ते कामोत्तेजक के रूप में भी काम करते हैं। इसके पत्तों को पानी में भिगोकर पीने से कामेच्छा बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय होते हैं। रामबुतान को प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाला भी माना जाता है। हालाँकि, इस पर अभी शोध चल रहा है।

कैंसर से बचाव: रामबुतान में उच्च एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। इसे खाने से कैंसर से बचाव हो सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट शरीर में सूजन से लड़ते हैं और शरीर की कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन-सी हानिकारक मुक्त कणों को निष्क्रिय करता है और विभिन्न प्रकार के कैंसर से सुरक्षित रखता है।

एनसीबीआई के अध्ययनों के अनुसार, रामबुतान के छिलके खाने से कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि धीमी हो जाती है। एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिन में 5 रामबुतान खाने से कैंसर होने की संभावना कम हो जाती है।

मधुमेह से राहत: चीन के कुनमिंग स्थित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, रामबुतान की छाल में मधुमेह-रोधी गुण होते हैं।

टाइप-2 मधुमेह वाले चूहों पर एक प्रयोग किया गया। उन्होंने रामबुतान की छाल में मौजूद एक अर्क का इस्तेमाल किया, जिससे पता चला कि चूहों के उपवास के दौरान रक्त शर्करा का स्तर कम हो गया।

हालांकि, रामबुतान में मौजूद फ्रुक्टोज इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ावा देकर मधुमेह को अनियंत्रित भी कर सकता है। इसका अधिक सेवन करने से शुगर लेवल भी बढ़ सकता है। इसलिए, इसे सीमित मात्रा में ही खाएं।

हृदय के लिए अच्छा: रामबुतान में मौजूद फाइबर कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम करता है। यह उच्च रक्तचाप को भी कम करता है। यह कोलेस्ट्रॉल को भी कम करता है।

हड्डियों को मजबूत बनाता है: रामबुतान में मौजूद फॉस्फोरस हड्डियों के निर्माण और उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए। इसमें मौजूद विटामिन सी भी हड्डियों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।

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