सोने से पहले बस एक चम्मच ये ड्रिंक पी लो, आपकी हर नस खुल जाएगी…

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अगर आपकी दिनचर्या अनियमित है और आप रोज़ाना व्यायाम नहीं करते, तो आपके लिए चैन की नींद लेना मुश्किल हो सकता है। इसलिए आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिसे आजमाने से आपके दिमाग की सभी नसें खुल जाएँगी। इससे न सिर्फ़ आपको अच्छी नींद आएगी, बल्कि आप दिन भर ऊर्जावान भी रहेंगे। आइए सबसे पहले इस औषधि को बनाने में इस्तेमाल होने वाली ज़रूरी सामग्री, शहद और काले नमक के गुणों के बारे में जानते हैं… शहद में पोटैशियम होता है, जो रोग पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मारता है।

रोगाणु जनित रोग – शहद टाइफाइड, ब्रोंकोन्यूमोनिया आदि कई बीमारियों के कीटाणुओं को मारता है। अगर किसी व्यक्ति की त्वचा पीली है, तो यह रक्त में आयरन की कमी के कारण होता है। शहद में आयरन की मात्रा अधिक होती है। सुबह-शाम भोजन के बाद नींबू के रस में शहद या शहद मिलाकर दूध में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

आयुर्वेद के अनुसार, अपने आहार में काला नमक शामिल करने से शरीर के कई रोग दूर होते हैं। रोज़ सुबह पानी में काला नमक मिलाकर पीना शुरू करें। यह कोलेस्ट्रॉल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अवसाद और पेट की सभी बीमारियों से राहत देता है क्योंकि इसमें 80 प्रकार के खनिज होते हैं। जिससे आपका ब्लड शुगर, रक्तचाप, ऊर्जा में सुधार, मोटापा और अन्य सभी प्रकार की बीमारियाँ तुरंत ठीक हो जाएँगी!

आवश्यक सामग्री

  • 5 बड़े चम्मच ऑर्गेनिक कच्चा शहद (मिलावटी बाज़ारू शहद का प्रयोग न करें),
  • 1 छोटा चम्मच काला नमक,
  • तैयार करने की विधि

इन दोनों सामग्रियों को अच्छी तरह मिलाएँ और एक काँच के जार में रख लें। आप चाहें तो इन सामग्रियों को ज़्यादा मात्रा में भी ले सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि इनका अनुपात केवल 5:

कैसे इस्तेमाल करें?

रात को सोने से पहले तैयार मिश्रण का एक चम्मच इस्तेमाल करें। इसे अपनी जीभ के नीचे रखें और मुँह में धीरे-धीरे घुलने दें। काले नमक में 80 से ज़्यादा खनिज (मैग्नीशियम सहित) होते हैं, जो शरीर को आराम पहुँचाते हैं और तनाव दूर करते हैं।

इसका क्या उपयोग है?

इन दोनों का मिश्रण शरीर के लिए ज़रूरी लगभग सभी पोषक तत्व प्रदान करता है। इससे लिवर और शरीर के अन्य अंग ठीक से काम करते हैं। इसके अलावा, तनाव से बचना, स्वस्थ दिनचर्या का पालन करना और नियमित व्यायाम करना अच्छी और सुकून भरी नींद के लिए ज़रूरी है।

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बिस्तर गीला करना: कुछ बच्चे रात में सोते समय बिस्तर गीला कर देते हैं। यह एक बीमारी है। बच्चों को रात में सोने से पहले शहद देने से नींद में पेशाब करने की समस्या से राहत मिलती है।

पेट दर्द: एक चम्मच शुद्ध शहद को ठंडे पानी में मिलाकर पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।

अपच: एक गिलास पानी में एक चम्मच नींबू का रस और आधा चम्मच शहद मिलाएँ। इससे अपच की समस्या दूर होती है।

पीलिया: शुरुआत में दो दिन तक दिन में दो बार एक चम्मच शहद दें, फिर चार दिन तक आधा चम्मच शहद और आंवला चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार दें। अगले चार दिन तक आधा चम्मच शहद और लौह चूर्ण मिलाकर दिन में तीन बार दें।

दस्त: सौंफ, धनिया और जीरा चूर्ण को शहद में मिलाकर दिन में कई बार चाटने से दस्त में आराम मिलता है। अनार के दानों का चूर्ण शहद के साथ चाटने से दस्त बंद हो जाते हैं।

पेट के कीड़े: एक चुटकी अजवायन के चूर्ण को एक चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए। इस चूर्ण को दिन में तीन बार लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

भूख न लगना: एक या दो काली मिर्च और दो लौंग पीसकर शहद के साथ चाटें। अम्लपित्त: धनिया और जीरे का चूर्ण बनाकर शहद में मिलाकर धीरे-धीरे चाटने से अम्लपित्त नष्ट होता है।

कब्ज: सौंफ, धनिया और अजवायन को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। फिर इस चूर्ण का आधा-आधा चम्मच सुबह, दोपहर और शाम शहद के साथ सेवन करें। इससे कब्ज दूर होती है।

बवासीर: रात को सोने से पहले एक गिलास दूध के साथ एक चम्मच त्रिफला चूर्ण या अरंडी का तेल लेना चाहिए। इससे कब्ज दूर होती है।

पीलिया: त्रिफला चूर्ण शहद के साथ लें। इससे पीलिया ठीक हो जाता है। गिलोय का रस 12 ग्राम शहद के साथ दिन में दो बार लें। नीम के पत्तों का रस सुबह-शाम आधा चम्मच शहद के साथ लेना चाहिए।

सिरदर्द: शुद्ध शहद सिर पर लगाना चाहिए। सिरदर्द कुछ ही समय में दूर हो जाएगा। आधा चम्मच शहद और एक चम्मच देसी घी मिलाकर सिर पर लगाएँ। घी के बाद और शहद सूख जाए, तो लेप को दोबारा लगाना चाहिए।

आँखों में जलन: नीम के फल के गूदे को शहद में मिलाकर आँखों में काजल की तरह लगाएँ।

मुँह के छाले: छोटी इलायची को बारीक पीस लें। फिर इसे शहद में मिलाकर छालों पर लगाएँ। आवाज़ का कम होना: मुलहठी के चूर्ण को शहद के साथ चाटना चाहिए।

पायरिया: मसूड़ों और दाँतों पर शुद्ध शहद की मालिश करें और फिर गर्म पानी से कुल्ला कर लें। ऊर्जावर्धक: सुबह एक कप दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से शक्ति बढ़ती है।

जुकाम: एक चम्मच शहद और अदरक का रस मिलाकर दिन में दो बार सुबह-शाम पीने से जुकाम ठीक होता है और भूख बढ़ती है।

उल्टी: गुड़ में शहद मिलाकर खाने से उल्टी बंद हो जाती है।

उच्च रक्तचाप: दो चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर दिन में दो से तीन बार सुबह-शाम सेवन करने से उच्च रक्तचाप में लाभ होता है।

मोतियाबिंद: मधुमक्खी के शहद के 9 भाग, 1 अदरक का रस 1 भाग, नींबू का रस 1 भाग और सफेद प्याज का रस 1 भाग, तीनों को छानकर सुबह-शाम एक-एक बूंद आँखों में डालें। इससे मोतियाबिंद ठीक हो जाएगा। इसमें 12 भाग गुलाब जल मिलाकर प्रतिदिन इसी प्रकार लगाने से आँखों की रोशनी बढ़ती है और चश्मा भी उतर सकता है। सप्ताह में 1-2 बार स्वस्थ आँखों में शुद्ध शहद की एक बूंद डालने से आँखों की रोशनी कभी कम नहीं होगी, बल्कि उम्र के साथ बढ़ती जाएगी। इसके अलावा, रात भर बादाम को पानी में भिगोकर रखें और सुबह उठते ही काली मिर्च के साथ पीसकर चीनी के पेस्ट के साथ चाट लें या ऐसे ही चबाकर दूध पी लें।

दांत निकलते समय: बच्चों के दांत निकलते समय मसूड़ों पर शहद मलने से दर्द में आराम मिलता है।

निमोनिया: निमोनिया में रोगी का पाचन तंत्र प्रभावित होता है, इसलिए छाती और पसलियों पर शुद्ध शहद की मालिश करने और रोगी को गर्म पानी में थोड़ा सा शहद मिलाकर पिलाने से इस रोग में लाभ होता है।

पक्षाघात-चेहरे का पक्षाघात: शरीर का पक्षाघात लगभग 150 ग्राम लगभग 20 से 25 दिनों तक प्रतिदिन शुद्ध जल में शहद मिलाकर लें। लगभग 28 मिलीलीटर पानी उबालें और जब यह पानी ठंडा हो जाए, तो इसमें दो चम्मच शहद मिलाकर प्रभावित व्यक्ति को पिलाएँ। इससे शरीर में कैल्शियम का स्तर सही स्तर पर आ जाएगा जिससे लकवाग्रस्त भाग ठीक होने में मदद मिलती है।

भगन्दर: शहद और सैंधव नमक मिलाकर वट बना लें। वट को अल्सर में रखने से भगन्दर में आराम मिलता है।

हृदय की दुर्बलता: हृदय को मजबूत बनाने के लिए शहद दुनिया की सबसे अच्छी औषधि है। यह हृदय को उतना ही मजबूत बनाता है जितना घोड़ा हरा जौ खाने से बनता है। शहद के सेवन से हृदय की धमनियों की सूजन दूर होती है। यह जहाँ रोगग्रस्त हृदय को मजबूत बनाता है, वहीं स्वस्थ हृदय को भी मजबूत और शक्तिशाली बनाता है और हृदयाघात से बचाता है। जब रक्त में ग्लाइकोजन की कमी के कारण रोगी के बेहोश होने का खतरा हो, तो उसे शहद खिलाकर बेहोशी से बचाया जा सकता है। शहद मिनटों में रोगी में ऊर्जा और उत्साह पैदा करता है। जब सर्दी या कमजोरी के कारण हृदय गति बढ़ जाती है और घुटन होने लगती है, तो दो गिलास शहद पीने से एक चम्मच शहद नई ऊर्जा देता है। यदि हृदय की दुर्बलता, हृदय का धँसना आदि जैसी कोई समस्या हो, तो एक चम्मच शहद पानी में मिलाकर रोगी को पिलाएँ। प्रतिदिन एक चम्मच शहद हृदय को मजबूत और शक्तिशाली बनाता है।

मोटापा कम करने के लिए: 100 से 200 मिलीलीटर ताजे उबले पानी में 120 ग्राम से 240 ग्राम शहद मिलाकर दिन में 3 बार सेवन करें।

मोटापा बढ़ना: दूध में शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से मोटापा बढ़ता है।

नींद में चलना: लगभग 1-2 ग्राम पिसे हुए खसखस ​​को शहद में मिलाकर रोगी को प्रतिदिन सोने से पहले देने से अच्छी नींद आती है। इससे रोगी को आराम से नींद आती है।

अनिद्रा: एक चम्मच नींबू का रस और शहद मिलाकर रात को सोने से पहले दो चम्मच पिएं। नींद आने पर दोबारा दो चम्मच लेने से नींद आ जाएगी और एक गिलास पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से भी नींद आ जाएगी।

पेट के कीड़े: 250 मिलीलीटर पानी में दो चम्मच शहद मिलाकर पीने से भी नींद आ जाएगी। पानी में मिलाकर दिन में दो बार सुबह और शाम सेवन करने से लाभ होता है। थोड़ी मात्रा में सेवन करने से पेट के कीड़े भी निकल जाते हैं।

माइग्रेन: इस रोग में सूर्योदय के साथ दर्द बढ़ता है और सूर्यास्त के साथ कम होता है। इसलिए, सिर के जिस तरफ दर्द हो रहा हो, उसके विपरीत दिशा में नाक में शहद की एक बूंद डालने से सिरदर्द में आराम मिलता है। भोजन के साथ प्रतिदिन दो चम्मच शहद लेने से माइग्रेन और उल्टी बंद हो जाती है।

कंपकंपी: लगभग 1/4 से 1 ग्राम सुहागा चूर्ण (लावा) शहद के साथ चाटने से ऐंठन और मिर्गी में बहुत आराम मिलता है। लगभग एक चौथाई ग्राम जटामांसी चूर्ण शहद के साथ सुबह-शाम रोगी को देने से ऐंठन ठीक हो जाती है।

पेट दर्द: शहद का सेवन करने से खाना खाने के बाद होने वाले पेट दर्द में आराम मिलता है। शहद को पानी में मिलाकर पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है।

शरीर को मजबूत बनाने के लिए: 10 ग्राम शहद, 5 ग्राम घी और 3 ग्राम आंवलासार गंधक लेकर उसमें थोड़ी चीनी मिलाकर सेवन करें। इससे शरीर मजबूत होता है।

काले तिल के 13 अन्य अद्भुत लाभ

नमक पाचन क्रिया में सुधार और कब्ज से राहत: नमक का पानी मुंह में लार ग्रंथियों को सक्रिय करने में मदद करता है। पेट के अंदर मौजूद प्राकृतिक नमक हाइड्रोक्लोरिक एसिड और प्रोटीन-पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करने में मदद करता है। इससे खाया गया भोजन आसानी से टूटकर पच जाता है। इससे कब्ज की समस्या से राहत मिलती है और सुबह पेट साफ हो जाता है।

त्वचा संबंधी समस्याएं: नमक में मौजूद क्रोमियम मुंहासों से लड़ता है और सल्फर त्वचा को साफ और मुलायम बनाता है। इसके अलावा, नमक का पानी पीने से एक्जिमा और रैशेज की समस्या से राहत मिलती है। काला नमक सुंदरता के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

मोटापा कम करता है: यह पाचन क्रिया में सुधार करता है और शरीर की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करता है, जिससे मोटापा नियंत्रित करने में मदद मिलती है। आपको समुद्री नमक की जगह इस नमक को अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

सीने की जलन से राहत: क्षारीय प्रकृति का होने के कारण, यह पेट में जाकर वहाँ बनने वाले एसिड को बेअसर करता है और सीने की जलन और एसिडिटी को ठीक करता है।

जोड़ों के दर्द से राहत: यह नमक मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द से राहत देता है। आपको एक कपड़े में 1 कप काला नमक डालकर उसे बांधकर पोटली बनानी है। इसके बाद इसे गर्म कर लें। तवे पर काला नमक डालकर जोड़ों पर लगाएँ। इसे फिर से गरम करें और दिन में दो बार लगाएँ।

पेट की गैस से राहत: अगर आप गैस से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो एक तांबे के बर्तन को गैस पर रखें, फिर उसमें काला नमक डालकर थोड़ा सा चलाएँ और जब इसका रंग बदल जाए, तो गैस बंद कर दें। फिर आधा चम्मच नमक लेकर एक गिलास पानी में मिलाकर पी लें।

कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रित करें: काला नमक खाने से खून पतला होता है, जिससे यह पूरे शरीर में आसानी से पहुँचता है। ऐसे में आपका हाई कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर ठीक हो जाता है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, तो नियमित नमक की बजाय काला नमक खाएँ।

मांसपेशियों में ऐंठन और ऐंठन से राहत: काले नमक में पोटैशियम होता है जो हमारी मांसपेशियों को ठीक से काम करने में मदद करता है। इसलिए, मांसपेशियों में ऐंठन और ऐंठन से बचने के लिए अपने दैनिक आहार में काला नमक शामिल करें।

मधुमेह नियंत्रित करता है: शोध बताते हैं कि काला नमक रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। बच्चों के लिए भी अच्छा: काला नमक छोटे बच्चों के लिए सबसे अच्छा होता है। यह अपच और सीने में जमा कफ को दूर करता है। अपने खाने में थोड़ा सा काला नमक मिलाएँ। बच्चे को रोज़ाना खाना खिलाएँ क्योंकि इससे उसका पेट स्वस्थ रहेगा और खांसी आदि से भी राहत मिलेगी।

नींद लाने में फायदेमंद: कच्चे नमक में मौजूद खनिज हमारे तंत्रिका तंत्र को शांत करते हैं। नमक दो खतरनाक तनाव हार्मोन, कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन, को कम करता है। इसलिए, यह रात में अच्छी नींद लाने में मदद करता है।

रूसी से राहत: अगर आप रूसी और बालों के झड़ने से परेशान हैं, तो हफ्ते में एक बार सिर पर काला नमक और टमाटर का रस लगाएँ। इससे रूसी दूर होगी और बालों की ग्रोथ भी बढ़ेगी। शरीर को डिटॉक्सीफाई करता है: नमक में कई खनिजों की मौजूदगी के कारण, यह एक जीवाणुरोधी के रूप में भी काम करता है। इससे शरीर में मौजूद खतरनाक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।

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