शरीर में ऊतकों के निर्माण और मरम्मत के लिए प्रोटीन की आवश्यकता होती है, इसलिए यह हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। हममें से कई लोग सोचते हैं कि हम स्वस्थ आहार ले रहे हैं, लेकिन ज़्यादातर आहारों में प्रोटीन की कमी होती है।
आहार विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोटीन की कमी न केवल शरीर की ऊर्जा, बल्कि बालों, त्वचा, रोग प्रतिरोधक क्षमता और हार्मोन्स को भी प्रभावित करती है।
बालों का झड़ना और नाखूनों का कमज़ोर होना
अगर आपके बाल तेज़ी से झड़ रहे हैं या आपके नाखून बार-बार टूट रहे हैं, तो ये प्रोटीन की कमी के लक्षण हो सकते हैं। दरअसल, केराटिन प्रोटीन से बनता है, जो बालों और नाखूनों की मज़बूती के लिए ज़रूरी है।
लगातार थकान और सुस्ती
अगर आपको पर्याप्त नींद लेने के बाद भी थकान महसूस होती है, तो हो सकता है कि आपके आहार में प्रोटीन की कमी हो। प्रोटीन ऊर्जा के स्तर को बनाए रखने में मदद करता है।
व्यायाम के बाद धीमी रिकवरी
अगर आप व्यायाम करते हैं, लेकिन मांसपेशियों में दर्द लंबे समय तक रहता है या रिकवरी धीमी है, तो यह प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है। दरअसल, प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत और वृद्धि में मदद करता है।
कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
प्रोटीन की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। सर्दी-ज़ुकाम या बार-बार संक्रमण, मांसपेशियों में कमज़ोरी या बिना किसी कारण के थकान इसके लक्षण हो सकते हैं।
हार्मोनल असंतुलन
प्रोटीन हार्मोन के उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे मामलों में, इसकी कमी के कारण महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म या हार्मोनल असंतुलन के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
प्रोटीन की ज़रूरतें कैसे पूरी करें?
अपने आहार में बीन्स, पनीर, दूध, सोया, सूखे मेवे और बीज शामिल करें। शाकाहारी लोग बहु-स्रोत पादप-आधारित प्रोटीन का सेवन कर सकते हैं। हर भोजन में थोड़ा प्रोटीन शामिल करना न भूलें और ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
