हमारे शरीर के हर अंग का अलग-अलग कार्य होता है। जिसमें हृदय सबसे महत्वपूर्ण अंग है। हृदय दिन-रात पंप करके शरीर के सभी अंगों तक रक्त और ऑक्सीजन पहुँचाता है और इसी से शरीर के सभी अंग ठीक से काम करते हैं। इसलिए हृदय को स्वस्थ रखना सबसे ज़रूरी है। धमनियों में रुकावट आज सबसे तेज़ी से बढ़ती गंभीर समस्या है।
हृदय में रुकावट के लक्षण
1. डॉक्टरों के अनुसार, अगर आपको सीने में भारीपन और बार-बार उल्टी जैसा महसूस हो, तो यह पाचन तंत्र या धमनी में रुकावट का लक्षण हो सकता है। अगर उल्टी और अपच जैसी समस्याएँ बार-बार होती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें।
2. अगर पैरों में दर्द और सूजन अचानक हो, तो उसे नज़रअंदाज़ न करें। जब धमनियों में रुकावट शुरू होती है, तो शरीर के निचले हिस्सों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है। इससे पैरों के निचले हिस्से, जैसे टखनों और पिंडलियों में दर्द और सूजन हो सकती है।
3. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अगर आपको बिना कोई काम किए थकान या चक्कर आते हैं, तो यह धमनियों में रुकावट का लक्षण हो सकता है। धमनियों में रुकावट होने पर हृदय को रक्त पंप करने के लिए ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे लगातार थकान बनी रहती है।
4. अगर चलने या सीढ़ियाँ चढ़ने पर भी सांस फूलती है, तो यह धमनियों में रुकावट का लक्षण हो सकता है। ऐसा तब होता है जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती। इसलिए आपको गहरी साँसें लेनी चाहिए।
5. हृदय की धमनियों में रुकावट के कारण सीने में दर्द होता है। यह सबसे बड़ा और गंभीर लक्षण है। अगर इस लक्षण पर ध्यान न दिया जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। अगर आपको सीने में दर्द महसूस हो, तो डॉक्टर के पास जाकर जाँच करवाएँ।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
