हमारे घर के पास एक ऐसा पौधा उगता है, जिसे आयुर्वेद पुरुषों के लिए वरदान मानता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस पौधे की जड़ों और पत्तियों से निकाले गए रस का सेवन करने से नपुंसकता जैसी समस्याओं का आसानी से इलाज हो सकता है। इसके सेवन से 60 साल का व्यक्ति भी जवान महसूस करने लगता है।
-घर के आस-पास उगने वाला सत्यानाशी का पौधा बहुत उपयोगी होता है।
पुरुषों के लिए वरदान बन चुके इस पौधे का नाम “सत्यानाशी” है। इसके रस की एक-एक बूँद में इतनी शक्ति होती है कि यह बुढ़ापे में भी शरीर को युवा ऊर्जा से भर देती है।
सत्यानाशी के सेवन से सैकड़ों लोगों को नया जीवन मिला है। इन्हें पहचानना बहुत आसान है। यह रेतीली मिट्टी में आसानी से उगता है। इस पौधे में कई कांटे होते हैं और इसके फूल पीले रंग के होते हैं।
फूलों के अंदर गहरे रंग के बीज होते हैं। पत्तियों को तोड़ने पर पीले रंग का दूध निकलता है, इसलिए इसे स्वर्णक्षिणी भी कहा जाता है।
-सकैसे पियें
सत्यानाशी के पौधे की जड़ों और पत्तियों को पीसकर रस निकालें या आप पत्तियों को सुखाकर पाउडर बना सकते हैं और फिर इसे सुबह-शाम पानी या दूध के साथ सेवन कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि आपको प्रतिदिन अधिकतम 20 मिलीलीटर जूस के रूप में और एक चम्मच चूर्ण सुबह-शाम लेना चाहिए। इसका लगातार सेवन करने से 21 दिनों में नपुंसकता दूर हो सकती है। इतना ही नहीं, 30 दिनों तक किसी भी तरह से इसका सेवन करने से आपका शरीर ऊर्जा से भरपूर हो जाएगा।+
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
