दही में मिलाएं ये 3 चीजें तो दोगुनी तेजी से बढ़ेगा विटामिन बी12, नतीजे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे…

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विटामिन बी12 एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी हमारे शरीर को प्रतिदिन आवश्यकता होती है, लेकिन यह हमारे शरीर द्वारा निर्मित नहीं होता। इसके लिए हमें बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता है। विटामिन बी12 की कमी से व्यक्ति को थकान, चिड़चिड़ापन, अवसाद, याददाश्त में कमी, त्वचा और बालों की समस्याएँ हो सकती हैं।

कई लोग मानते हैं कि विटामिन बी12 केवल मांसाहारी खाद्य पदार्थों से ही प्राप्त किया जा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। शाकाहारी लोग भी स्वस्थ आहार लेकर विटामिन बी12 की कमी से बच सकते हैं। विटामिन बी12 की कमी से जुड़ी सामान्य समस्याएं
  • लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
  • चिड़चिड़ापन और मानसिक अस्थिरता
  • ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
  • त्वचा का पीला पड़ना और बालों का झड़ना
  • हाथों और पैरों में झुनझुनी
अगर इन लक्षणों को समय पर न पहचाना जाए, तो विटामिन B12 की कमी गंभीर तंत्रिका संबंधी समस्याओं में भी बदल सकती है। शाकाहारियों के लिए विटामिन B12 के स्रोत शाकाहारी अक्सर सोचते हैं कि विटामिन B12 की कमी से बचना उनके लिए असंभव है। लेकिन उचित जानकारी और संतुलित आहार से इसे दूर किया जा सकता है।
1. दही और भांग के बीज दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है और अलसी के बीज ओमेगा-3 और फाइबर से भरपूर होते हैं। रोज़ाना एक कटोरी दही में एक चम्मच अलसी के बीज मिलाकर खाने से विटामिन B12 की कमी पूरी हो सकती है।
2. दही और कद्दू के बीज कद्दू के बीजों में आयरन, मैग्नीशियम और ज़िंक जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व होते हैं। भुने हुए बीजों को दही में मिलाकर नाश्ते या रात के खाने में लेना बहुत फायदेमंद होता है। यह मिश्रण धीरे-धीरे विटामिन B12 की कमी को पूरा करता है।
3. दही और जीरा जीरा एक प्राचीन मसाला है जो पाचन के लिए जाना जाता है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि यह विटामिन B12 की कमी को भी कम करता है। दही में एक चम्मच पिसा हुआ जीरा मिलाकर पीने से ऊर्जा मिलती है और मानसिक थकान कम होती है।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से विटामिन B12 की कमी का उपचार
1. अश्वगंधा यह तनाव कम करने और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है, जिससे विटामिनों का उचित अवशोषण होता है।
2. सहजन सहजन के पत्तों में आयरन और विटामिन B समूह होता है, जो विटामिन B12 की कमी को दूर करने में मदद करता है।
3. त्रिफला त्रिफला पाचन तंत्र को बेहतर बनाने का एक बेहतरीन उपाय है। विटामिन B12 के अवशोषण के लिए एक स्वस्थ आंत आवश्यक है।
विज्ञान क्या कहता है?
डॉक्टरों की राय दिल्ली स्थित आयुर्वेदाचार्य डॉ. विवेक त्रिपाठी के अनुसार, “शुद्ध शाकाहारियों में विटामिन B12 की कमी आम है। लेकिन अगर वे रोज़ाना दही, छाछ, अंकुरित अनाज और बीजों का सेवन करें, तो यह कमी धीरे-धीरे दूर हो सकती है। -tab-b-abh-y-s-sh-kah-ch”>चिकित्सा अध्ययन क्या कहता है? भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 70% शाकाहारी भारतीयों में विटामिन B12 की कमी है। लेकिन दही, पनीर और बीजों का सेवन करके इसे संतुलित किया जा सकता है।
  • दही, पनीर, छाछ
  • अलसी, कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज
  • विटामिन B12 सप्लीमेंट (चिकित्सकीय सलाह पर)
न लें:
  • बहुत ज़्यादा प्रोसेस्ड फ़ूड
  • कार्बोनेटेड पेय
  • ज़्यादा चीनी
अपने आहार से ही इसका इलाज करें विटामिन बी12 की कमी कोई लाइलाज समस्या नहीं है, खासकर अगर आप शाकाहारी हैं। अपने दैनिक आहार में थोड़ा सा ध्यान और छोटे-छोटे बदलाव आपके शरीर में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। अगर समय रहते इसका पता चल जाए, तो यह आपको कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकता है। दही और बीजों का मिश्रण न केवल प्राकृतिक है, बल्कि असरदार भी है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकते हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
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