हर घर में रोटी अलग-अलग तरीकों से बनाई जाती है। इसके साथ ही इसके पोषक तत्व और गुण भी बदलते रहते हैं।
कुछ घरों में यह मोटी बनती है और कुछ में पतली, लेकिन कौन सी रोटी ज़्यादा फायदेमंद है? अब आप कहेंगे कि रोटियों की तरह खाओ। सब कुछ फायदेमंद होगा!
लेकिन ऐसा नहीं है, और क्यों? इसका जवाब लेखक श्रीराम शर्मा की पुस्तक ‘दवा विना कायाकल्प’ में छिपा है। इस पुस्तक के अनुसार, मोटी और धीमी आँच पर पकाई गई रोटी ही ज़्यादा फायदेमंद होती है।
इसके बजाय, तेज़ आँच पर पकाई गई पतली, सख्त या कुरकुरी रोटी नुकसानदायक होती है। क्योंकि ऐसी रोटी में सभी उपयोगी तत्व जल जाते हैं।
इसलिए जैसे हमारे घर में रोटी चूल्हे पर बनती है, वैसे ही घर पर धीमी आंच पर बनी मोटी रोटी खाएं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
