कई बार रात में सोते समय नसों पर दबाव पड़ता है जिससे नींद में खलल पड़ता है। नसों का दर्द कोई तंत्रिका संबंधी समस्या नहीं, बल्कि मांसपेशियों में ऐंठन है। शरीर के जिस हिस्से में नसें फँसी होती हैं, वहाँ तेज़ दर्द होता है। आइए जानें कि किस विटामिन की कमी से वैरिकाज़ वेन्स होती हैं।
इससे राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए?
वैरिकाज़ वेन्स का कारण रात में सोते समय कंधों, गर्दन, हाथ-पैरों की नसें अचानक सूज जाती हैं। इसका कारण पोषण की कमी हो सकती है। गलत खान-पान, अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और तनाव भी इसका कारण बन सकते हैं।
हीमोग्लोबिन की कमी
रात में सोते समय हीमोग्लोबिन की कमी के कारण पैरों और कंधों की नसें सूज जाती हैं। जब शरीर में हीमोग्लोबिन कम होता है, तो रक्त संचार ठीक से नहीं हो पाता, जिससे नसें सूज जाती हैं। इस समस्या से बचने के लिए अपने आहार में आयरन युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इन चीज़ों में आयरन पाया जाता है। आम, चुकंदर, अंगूर, अमरूद, सेब, नारियल, तिल, गुड़, अंडे, तिल, पालक और हरी पत्तेदार सब्जियों में आयरन पाया जाता है।
विटामिन सी की कमी विटामिन सी की कमी से रक्त कोशिकाएं कमजोर हो जाती हैं जिससे नसों में सूजन आ जाती है। इस समस्या से बचने के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे नींबू, टमाटर, खट्टे फल, ब्रोकली, पालक आदि का सेवन करें। विटामिन बी12 की कमी शरीर में विटामिन बी12 की कमी से भी वैरिकाज़ वेन्स हो सकती हैं। विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए अपने आहार में मशरूम, अंडे, सोया दूध आदि शामिल करें।
वैरिकोज़ वेन्स के अन्य कारण शरीर में पानी की कमी, नसों की कमज़ोरी, अत्यधिक शराब का सेवन, तनाव, कमज़ोरी, रक्त में सोडियम और पोटेशियम की कमी।
उपाय –
बर्फ का सेक
- वैरिकोज़ वेन्स होने पर, कम से कम 3 से 15 मिनट तक बर्फ लगाएँ।
तेल मालिश
- प्रभावित जगह पर तेल से मालिश करें। इससे आराम मिलेगा।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
