Heart Attack: बच्चों और युवाओं में क्यों बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा? जानिए क्या है वजह?

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हार्ट अटैक: एक समय ऐसा माना जाता था कि हार्ट अटैक सिर्फ़ बुज़ुर्गों को ही होता है, लेकिन आजकल यह बीमारी हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। मोटापा, गलत खान-पान और बढ़ता तनाव इस समस्या के मुख्य कारण बन गए हैं। अब युवाओं और बच्चों में भी हृदय रोग का ख़तरा तेज़ी से बढ़ रहा है, जो एक गंभीर चिंता का विषय है।

मोटापा और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली: दिल के दौरे का मुख्य कारण आज की गतिहीन जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी ने बच्चों और युवाओं में भी दिल के दौरे का खतरा बढ़ा दिया है। एक हालिया अध्ययन के अनुसार, 40% से ज़्यादा बच्चे और युवा मोटापे से ग्रस्त हैं, जो हृदय रोग के बढ़ते मामलों का एक प्रमुख कारण बनता जा रहा है। ज़्यादा वज़न वाले लोग ख़ास तौर पर उच्च रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और उच्च शर्करा जैसी समस्याओं से ग्रस्त होते हैं, जिससे हृदय रोग हो सकता है।

हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार कहते हैं, “मोटापा, खराब खान-पान और तनाव हृदय स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़े ख़तरे हैं। यह समस्या सिर्फ़ बुज़ुर्गों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि अब युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं।” मानसिक तनाव और नींद की कमी: हृदय के लिए ज़्यादा ख़तरनाक आधुनिक जीवनशैली में, मानसिक तनाव, नींद की कमी और समय की कमी के कारण युवा पीढ़ी भी दिल के दौरे का शिकार हो रही है। मानसिक तनाव हृदय गति को असंतुलित कर देता है और लंबे समय तक बना रहने पर हृदय रोग का कारण बन सकता है।

आंकड़े बताते हैं:

  • 22% युवा (18-35 वर्ष) उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं।
  • 35% युवा अब मोटे हैं, जिससे हृदय को ख़तरा है।
  • हर साल 40,000 से ज़्यादा युवा दिल के दौरे का शिकार होते हैं।

डॉक्टरों की सलाह: अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए इन उपायों का पालन करें

नियमित रूप से व्यायाम करें हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा अग्रवाल कहती हैं, “हफ़्ते में कम से कम 150 मिनट हल्का व्यायाम या पैदल चलना आपके हृदय के स्वास्थ्य में सुधार कर सकता है।”

संतुलित आहार जंक फ़ूड और प्रोसेस्ड फ़ूड से दूर रहें। ताज़े फल, सब्ज़ियाँ और साबुत अनाज खाएँ।

मानसिक तनाव से बचाव योग, ध्यान या कोई शौक अपनाकर मानसिक तनाव कम किया जा सकता है।

नींद का परम महत्व डॉक्टरों के अनुसार, हृदय स्वास्थ्य के लिए 7-8 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है।

नियमित स्वास्थ्य जांच हृदय संबंधी बीमारियों का जल्द पता लगाने के लिए, अपने रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और रक्त शर्करा की नियमित जांच करवाएँ।

इन्फोग्राफिक विचार: “हृदय रोग के बढ़ते जोखिम का ग्राफ़: आयु और जीवनशैली का प्रभाव”

  1. मोटापा: मोटे लोगों का प्रतिशत और उनके हृदय जोखिम को दर्शाने वाला एक पाई चार्ट दिखाएँ।
  2. तनाव और नींद: नींद की कमी और तनाव का हृदय पर प्रभाव दर्शाने वाला एक मानव आरेख दिखाएँ।
  3. स्वास्थ्य सुझाव: डॉक्टरों को एक चेकलिस्ट के रूप में सलाह दें: व्यायाम, उचित आहार और मानसिक स्वास्थ्य के उपाय।

अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।

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