- 2-3 मिलीलीटर दूध में 5 मिलीलीटर पानी मिलाकर उबालें।
- ठंडा होने के बाद, आयोडीन टिंचर की 2-3 बूँदें डालें।
- अगर दूध नीला हो जाए, तो इसका मतलब है कि वह स्टार्च से संदूषित है।
नकली दूध के खतरनाक प्रभाव कृत्रिम दूध और उसमें मिलाए गए रसायनों का शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है:
- कैंसर का खतरा: ये रसायन आपकी कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुँचाते हैं।
- पाचन तंत्र पर प्रभाव: नकली दूध से पेट दर्द, गैस और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता: लंबे समय तक ऐसे दूध का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो सकती है सिस्टम।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाने वाला दूध नकली है। ज़हर से भी ज़्यादा ख़तरनाक। नकली दूध से हमेशा बचें। केवल असली और प्रमाणित स्रोतों से ही दूध खरीदें। अगर आपको दूध के रंग, गंध या स्वाद को लेकर कोई संदेह है, तो उसे पीने से बचें और इन आसान तरीकों से उसकी जाँच करें।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
आयुर्वेद में इसे अमृत कहा गया है। हमारे बड़े-बुज़ुर्ग हमेशा कहते थे कि दूध और घी शरीर को मज़बूत बनाते हैं और बीमारियों से बचाते हैं। लेकिन आजकल कुछ लोग इस अमृत को ज़हर में बदलने पर तुले हैं। नकली दूध जिन खतरनाक रसायनों से बनता है, वे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए, दूध पीने से पहले उसकी जाँच करना बेहद ज़रूरी है। खुर्जा में नकली दूध का भंडाफोड़ हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग ने खुर्जा में छापेमारी की।
नकली दूध और पनीर बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। टीम ने पता लगाया कि कैसे खतरनाक रसायनों की मदद से कृत्रिम दूध तैयार किया जा रहा है। इसके बाद, कार्यालय की टीम ने यह भी दिखाया कि रसायनों से दूध कैसे बनाया जाता है। नकली दूध कैसे बनता है? सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें टीम ने नकली दूध बनाने की प्रक्रिया का खुलासा किया है।
- सिर्फ़ एक कप पानी में प्रीमिक्स केमिकल (जो कई हानिकारक रसायनों का मिश्रण होता है) मिलाने से पानी तुरंत दूधिया सफेद हो जाता है।
- फिर उस चीनी में सैकरीन मिलाकर इसे मीठा किया जाता है।
- इसके बाद, कुछ और रसायन मिलाए जाते हैं, जिससे इसकी गंध और स्वाद बिल्कुल असली दूध जैसा हो जाता है।
हालाँकि, नवभारत टाइम्स इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
1 लीटर रसायन से 500 लीटर नकली दूध तैयार होता है।
- वीडियो में दिखाया गया है कि प्रीमिक्स रसायन की 1 बोतल से 2 लीटर सिंथेटिक दूध बनता है।
- इस प्रकार, रसायन की एक बोतल से 400 से 500 लीटर मिलावटी दूध तैयार किया जा सकता है।
- प्रयुक्त रसायन ऐसे दूध में मौजूद तत्व शरीर की कोशिकाओं और डीएनए पर बुरा असर डालते हैं और कैंसर का ख़तरा बढ़ाते हैं।
दूध में मिलावट कैसे पहचानें?
सिंथेटिक दूध की पहचान करने के कुछ आसान तरीके हैं, जिन्हें अपनाकर आप इस खतरनाक दूध से बच सकते हैं।
1. गंध और रंग से पहचानें
- अगर आपको दूध बहुत सफ़ेद या हल्के सफ़ेद रंग का दिखाई दे, तो उसे पीने से बचें।
- अगर इनमें से किसी भी चीज़ से अजीब सी गंध, स्वाद खराब या अजीब लगे, तो उसे तुरंत फेंक दें।
2. किसी सतह पर गिराकर जाँच करें।
- दूध की कुछ बूँदें किसी समतल सतह (जैसे स्लैब) पर डालें।
- अगर इसमें पानी के निशान रह जाएँ, तो यह नकली हो सकता है। असली दूध थोड़ा गाढ़ा होता है और ऐसा कोई निशान नहीं छोड़ता।
डिटर्जेंट में मिलावट का पता कैसे लगाएँ? डिटर्जेंट मिला हुआ दूध पहचानने के लिए इस आसान तरीके का पालन करें:
- 5-10 मिलीलीटर दूध लें और उसमें बराबर मात्रा में पानी मिलाएँ।
- इस मिश्रण को अच्छी तरह मिलाएँ।
- डिटर्जेंट मिला हुआ दूध, ज़्यादा झाग होने पर गाढ़ा हो जाएगा।
- असली दूध में झाग की एक हल्की परत ही बनती है।
स्टार्च संदूषण की पहचान करें स्टार्चयुक्त दूध की जाँच के लिए इस विधि का पालन करें:
- 2-3 मिलीलीटर दूध में 5 मिलीलीटर पानी मिलाकर उबालें।
- ठंडा होने के बाद, आयोडीन टिंचर की 2-3 बूँदें डालें।
- अगर दूध नीला हो जाए, तो इसका मतलब है कि वह स्टार्च से संदूषित है।
नकली दूध के खतरनाक प्रभाव कृत्रिम दूध और उसमें मिलाए गए रसायनों का शरीर पर गंभीर प्रभाव पड़ता है:
- कैंसर का खतरा: ये रसायन आपकी कोशिकाओं और डीएनए को नुकसान पहुँचाते हैं।
- पाचन तंत्र पर प्रभाव: नकली दूध से पेट दर्द, गैस और अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- कमज़ोर रोग प्रतिरोधक क्षमता: लंबे समय तक ऐसे दूध का सेवन करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कमज़ोर हो सकती है सिस्टम।
सावधान रहें, सुरक्षित रहें स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाने वाला दूध नकली है। ज़हर से भी ज़्यादा ख़तरनाक। नकली दूध से हमेशा बचें। केवल असली और प्रमाणित स्रोतों से ही दूध खरीदें। अगर आपको दूध के रंग, गंध या स्वाद को लेकर कोई संदेह है, तो उसे पीने से बचें और इन आसान तरीकों से उसकी जाँच करें।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
