बाजरे की रोटी के फायदे: खराब खान-पान और अस्वास्थ्यकर जीवनशैली के कारण ज़्यादा वज़न होना एक आम समस्या बन गई है। वज़न बढ़ने पर न सिर्फ़ रूप बिगड़ता है, बल्कि ज़्यादा वज़न के कारण शरीर गंभीर बीमारियों का घर भी बन सकता है।
अगर आप वज़न कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आपको अभी तक नतीजे नहीं मिल रहे हैं, तो एक बार इस उपाय को ज़रूर आज़माएँ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जो लोग पेट की चर्बी कम करना चाहते हैं, उन्हें गेहूँ के आटे की रोटी खाने से बचना चाहिए और उसकी जगह बाजरे के आटे की रोटी खानी चाहिए।
बाजरा एक कम ग्लाइसेमिक वाला अनाज है, बाजरे में फाइबर की मात्रा ज़्यादा होती है और बाजरा ग्लूटेन-मुक्त अनाज होता है, जिससे चर्बी तेज़ी से कम होती है और मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है, जिससे वज़न कम करने की प्रक्रिया तेज़ होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजरा एक ऐसा अनाज है जिसमें गेहूँ और चावल से भी ज़्यादा पोषक तत्व होते हैं। बाजरा शरीर को ऊर्जा और पोषण भी प्रदान करता है। मानसून के दौरान वातावरण ठंडा भी हो जाता है और इस मौसम में बाजरा खाया जा सकता है।
जो लोग तेज़ी से मोटापा कम करना चाहते हैं, उन्हें दोपहर और शाम के खाने में बाजरे की दो रोटियाँ खानी चाहिए। दो रोटियाँ खाने से शरीर को सभी ज़रूरी पोषक तत्व मिलेंगे और मेटाबॉलिज़्म भी बेहतर होगा।
बाजरे की रोटी खाने के फायदे
– गेहूँ में ग्लूटेन की मात्रा अधिक होती है जिससे पेट फूलने जैसी समस्या हो सकती है, जबकि बाजरा ग्लूटेन मुक्त होता है और पेट फूलने का कारण नहीं बनता।
– बाजरा मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देने का काम करता है।
– बाजरे में मौजूद पोषक तत्व शरीर में वसा जलने की प्रक्रिया को सक्रिय करते हैं जिससे वसा जमा नहीं होती।
– बाजरा कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला अनाज है। यह धीरे-धीरे पचता है जिससे रक्त शर्करा में वृद्धि नहीं होती।
– बाजरा शरीर को वसा को संग्रहीत करने के बजाय ऊर्जा में बदलने में मदद करता है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
