व्यक्ति की ये आदतें रीढ़ तोड़ने वाली होती हैं, जब व्यक्ति को इस समस्या का पता चलता है तो…

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आजकल युवाओं में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं तेज़ी से बढ़ रही हैं। लोग कम उम्र में ही कई गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण गलत खान-पान और गलत जीवनशैली है। एक स्वस्थ रीढ़ की हड्डी पूरे शरीर के लिए ज़रूरी है, लेकिन कुछ आदतें इसे कमज़ोर कर सकती हैं। आइए ऐसी ही आदतों और उनसे बचने के उपायों के बारे में जानें।

(1) लंबे समय तक बैठे रहना आजकल लोग काम, पढ़ाई या मोबाइल के इस्तेमाल के कारण घंटों एक ही जगह पर बैठे रहते हैं। इससे शरीर का पोस्चर बिगड़ जाता है और रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ जाता है। लंबे समय तक बैठे रहने से पीठ दर्द और डिस्क की समस्या हो सकती है। -sh-karav”>क्या करें?
  • हर 30-40 मिनट में उठें और थोड़ी देर टहलें।
  • सीधी पीठ के साथ सही मुद्रा में बैठें।
  • कुर्सी का पिछला सहारा सही होना चाहिए और पैर ज़मीन पर होने चाहिए।
(2) व्यायाम की कमी व्यस्त जीवनशैली के कारण, बहुत से लोग व्यायाम से बचते हैं, जिससे मांसपेशियाँ कमज़ोर हो जाती हैं और रीढ़ की हड्डी पर ज़्यादा दबाव पड़ता है।
क्या करें?
  • रोज़ाना कम से कम 30 मिनट योग या हल्का व्यायाम करें।
  • अपनी दिनचर्या में स्ट्रेचिंग और पैदल चलना शामिल करें।
  • तैराकी और साइकिल चलाना भी रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद है।
(3) अनुचित आहार और पोषण की कमी भोजन में पोषक तत्वों की कमी के कारण हड्डियाँ कमज़ोर हो जाती हैं। विशेष रूप से, विटामिन डी और कैल्शियम की कमी हड्डियों को प्रभावित करती है, जिससे रीढ़ की हड्डी कमज़ोर हो सकती है। 
  • दूध, दही, पनीर, मेवे और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ खाएँ।
  • धूप में बैठकर अपने शरीर को पर्याप्त विटामिन डी प्रदान करें।
  • ओमेगा-3 और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएँ।
(4) तनाव और मानसिक दबाव अत्यधिक तनाव लेने से मांसपेशियाँ सख्त हो जाती हैं, जिससे दबाव बढ़ सकता है रीढ़ की हड्डी पर चोट लग सकती है और दर्द हो सकता है।
क्या करें?
  • ध्यान और प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
  • पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करने की कोशिश करें।
  • अपनी दिनचर्या को संतुलित और व्यवस्थित बनाएँ।
(5) गलत बैठने और सोने की मुद्रा गलत मुद्रा में बैठने या सोने से रीढ़ की हड्डी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। गलत तरीके से सोने से हड्डियों पर भी दबाव पड़ सकता है।
क्या करें?
  • सोते समय तकिये का सही इस्तेमाल करें और अपनी रीढ़ सीधी रखें।
  • बहुत मुलायम गद्दों पर सोने से बचें।
  • हमेशा पीठ को सहारा देकर बैठें और झुकें नहीं।
एक स्वस्थ रीढ़ पूरे शरीर के लिए ज़रूरी है। अगर छोटी-छोटी गलतियों को सुधार लिया जाए तो इस समस्या से बचा जा सकता है। उचित पोषण से रीढ़ को मज़बूत बनाया जा सकता है। व्यायाम, उचित आसन और तनाव-मुक्त जीवनशैली का पालन करें। यदि कोई दर्द या समस्या पहले से ही हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें और उचित उपचार लें।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
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