आजकल अस्वास्थ्यकर जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण कई समस्याएं हो रही हैं। ऐसे में इंसान कई बीमारियों का शिकार हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, खराब दिनचर्या के कारण लोगों में पेट दर्द, गैस, दस्त जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं।
इन सबमें गैस बनने की समस्या सबसे बड़ी है। ऐसे लोग जो भी खाते हैं उसे आसानी से पचा नहीं पाते और अस्वस्थ महसूस करने लगते हैं। गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए लोग महंगी दवाओं का सहारा लेते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान चीजें भी इससे छुटकारा दिला सकती हैं।
पेट में गैस बनने पर खाएं ये 5 चीजें
केला: आहार विशेषज्ञ के अनुसार, केले का सेवन पेट संबंधी समस्याओं से बचाव में फायदेमंद हो सकता है। आपको बता दें कि केले में आयरन और कैल्शियम होता है, जो पेट में गैस की समस्या को दूर करने में कारगर हो सकता है।
इसके अलावा, केले में फाइबर होता है, जो एसिडिटी को नियंत्रित करने में कारगर हो सकता है। साथ ही, यह हमारे शरीर के पीएच स्तर को नियंत्रित करता है।
नारियल: पेट में गैस की समस्या होने पर सुबह चाय और कॉफी की जगह नारियल पानी का सेवन करें। नारियल पानी का सेवन पेट की गैस की समस्या से राहत दिलाता है।
दरअसल, नारियल पानी एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो गैस की समस्या से राहत दिलाने में कारगर है। रोज सुबह खाली पेट नारियल पानी पीने से एसिडिटी को नियंत्रित किया जा सकता है।
खीरा: खीरा पेट को ठंडा रखने के लिए फायदेमंद होता है। साथ ही यह आपके शरीर को हाइड्रेटेड रखता है। इसके सेवन से एसिडिटी कम होती है। इसलिए, अगर आप अत्यधिक गैस की समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपने सलाद में खीरा शामिल करें।
लहसुन: विशेषज्ञों के अनुसार, पेट में अधिक गैस होने पर लहसुन का सेवन करें। खासकर हर सुबह खाली पेट लहसुन की कलियों का सेवन करने से पेट की गैस की समस्या दूर हो सकती है।
ठंडा दूध: अगर आपको पेट में गैस की समस्या है, तो गर्म दूध की बजाय ठंडे दूध का सेवन करें। ठंडा दूध पीने से गैस की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। सुबह-सुबह एक गिलास ठंडा दूध पीने से पेट की जलन, गैस और एसिडिटी से राहत मिलती है। यह भूख को नियंत्रित करने में भी कारगर है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
