गेहूं की जगह इस अनाज से बनी रोटी खाना शुरू करें, आपका शरीर खुद ही यूरिक एसिड को बाहर निकाल देगा!

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आजकल बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण यूरिक एसिड की समस्या तेज़ी से बढ़ रही है। हमारे शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता गठिया, जोड़ों के दर्द और अन्य बीमारियों का कारण बन सकती है।

अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपने आहार में गेहूँ की रोटी की जगह बाजरे की रोटी शामिल करें। बाजरे की रोटी न केवल यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद करती है, बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

बाजरा एक प्राचीन अनाज है, जो फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है। यह पाचन तंत्र को मजबूत करता है और शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। बाजरे में प्यूरीन की मात्रा कम होती है, जो इसे यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है।

जब हम गेहूँ या अन्य अनाजों की तुलना में बाजरे की रोटी का सेवन करते हैं, तो यह हमारे शरीर में यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद करता है।

बाजरे की रोटी में मौजूद फाइबर शरीर से अतिरिक्त यूरिक एसिड को बाहर निकालने में मददगार होता है। यह किडनी के अच्छे कामकाज में मदद करता है, जिससे यूरिक एसिड आसानी से बाहर निकल जाता है।

बाजरे की रोटी कैसे बनाएँ?

बाजरे की रोटी बनाने के लिए, बाजरे के आटे में थोड़ा गुनगुना पानी डालकर आटा गूंथ लें। इसे गोल आकार दें और दोनों तरफ से अच्छी तरह से पकाएँ। आप इसे घी या सब्ज़ियों के साथ खा सकते हैं।

अन्य लाभ

बाजरे की रोटी न केवल यूरिक एसिड को नियंत्रित करती है, बल्कि वजन घटाने, मधुमेह को नियंत्रित करने और हृदय रोगों से बचाव में भी मदद करती है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखती है और लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती।

डॉक्टरों से परामर्श

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित हैं, तो अपने आहार में नियमित रूप से बाजरे की रोटी शामिल करें। साथ ही, ज़्यादा पानी पिएँ, हरी सब्ज़ियाँ खाएँ और तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज़ करें।

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