आजकल जिस तरह से लोग कम उम्र में ही हृदय रोग से ग्रस्त हो रहे हैं, उससे बचना ज़रूरी है। आजकल 20-22 साल की उम्र के लोगों को भी दिल का दौरा पड़ने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हर साल 1.79 करोड़ लोग हृदय संबंधी बीमारियों से मरते हैं। हृदय रोग का सबसे बड़ा कारण खराब जीवनशैली है। यानी अगर हम अपनी जीवनशैली में सुधार करें, तो हृदय रोग की ज़्यादातर समस्याओं से बच सकते हैं। इसके लिए ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत नहीं है। बस आपको रात को सोने से पहले कुछ आदतें बदलनी होंगी।
रात को सोने से पहले ये बदलाव करें –
(1) ज़्यादा न खाएँ
रात में ज़्यादा या भारी खाना न खाएँ। कोशिश करें कि रात को सोने से 2-3 घंटे पहले हल्का भोजन करें। इसे रात को सोने से कम से कम 4 घंटे पहले लेना चाहिए।
(2) शराब
शराब एक बहुत बड़ी दुश्मन है। अगर आप दिल से जुड़ी समस्याओं से बचना चाहते हैं, तो रात में कभी भी शराब या सिगरेट न पिएँ। दोपहर 3 बजे के बाद कैफीन या कॉफ़ी न लें।
(3) सोने से पहले गहरी साँसें लें
तनाव हृदय रोग का सबसे बड़ा कारण है। तनाव कम करने के लिए सुबह योग और ध्यान करें। रात को सोने से पहले लंबी गहरी साँसें अंदर-बाहर करें। ऐसा लगभग 5 मिनट तक करें। आप ध्यान भी कर सकते हैं। अपने शरीर को थोड़ा स्ट्रेच भी करें।
(4) स्क्रीन टाइम
रात को सोने से एक घंटा पहले सभी स्क्रीन बंद कर दें। वाई-फ़ाई भी बंद कर दें। अगर आप सोते समय मोबाइल, टीवी या कोई भी गैजेट इस्तेमाल करते हैं, तो न सिर्फ़ दिल बल्कि शरीर के हर अंग पर असर पड़ेगा।
(5) बेडरूम को ठंडा रखें अगर आप खराब माहौल वाले कमरे में सोते हैं, तो आपको अच्छी नींद नहीं आएगी। इसलिए, कमरे में बिस्तर ठीक से बिछाएँ। सही तकियों का इस्तेमाल करें और कमरे में अंधेरा रखें। ताकि आप शांत और ठंडे माहौल में बिना किसी परेशानी के चैन की नींद सो सकें।
(6) अगले दिन की तैयारी
जैसा कि पहले बताया गया है, तनाव हृदय रोग के सबसे बड़े कारणों में से एक है। ऐसे में, अगर आप रात को सोते समय कल की चिंता करते हैं, तो यह आपको तनावग्रस्त कर देगा। इसलिए, कल क्या करना है, इसकी पूरी योजना बनाएँ और उसे लिख लें। जैसे कल का ज़रूरी काम, मीटिंग, कौन से कपड़े पहनने हैं, उन्हें प्रेस करना है, क्या पकाना है, वगैरह। योजना बनाने से मन तनावमुक्त रहेगा और नींद अच्छी आएगी।
(7) पानी बहुत ज़रूरी है
रात को सोने से पहले पानी ज़रूर पिएँ ताकि रात में आपके शरीर में पानी की मात्रा कम न हो। अगर आप दूध पी रहे हैं, तो भी पानी ज़रूर पिएँ।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
