खजूर खाने के शौकीन तो बहुत से लोग होते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खजूर तासीर में गर्म होते हैं या ठंडे? लोग अक्सर यही मान लेते हैं कि खजूर तासीर में गर्म होते हैं क्योंकि इन्हें खाने से अक्सर कब्ज़ हो जाता है।
लेकिन यही सबसे बड़ी ग़लती है। Instagram स्वास्थ्य विशेषज्ञ और आयुर्वेदाचार्य डॉ. वरलक्ष्मी यनमंद्रा (BAMS आयुर्वेद) कहती हैं कि ज़्यादातर लोग खजूर खाते तो हैं, लेकिन इसके असली गुण के बारे में नहीं जानते।
डॉ. वरलक्ष्मी यनमंद्रा के अनुसार, खजूर ठंडे होते हैं। आयुर्वेद में, यह ‘ओजस’ यानी शरीर की शक्ति और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसका स्वाद मीठा और थोड़ा तीखा होता है, जिसे ज़्यादा मात्रा में खाने पर पचाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।
खजूर खाने से कब्ज क्यों होती है?
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि खजूर खाने से कब्ज होती है, फिर उन्हें लगता है कि यह गर्म है। लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है।
खजूर भारी और ठंडे होते हैं और इन्हें पचाने के लिए अच्छी अग्नि (पाचन शक्ति) की आवश्यकता होती है। इसलिए, ज़्यादा मात्रा में या बिना भिगोए खाने से पेट की समस्याएँ हो सकती हैं।
खजूर का सही सेवन कैसे करें?
खजूर को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोना चाहिए। इससे इसका भारीपन थोड़ा कम हो जाता है और पाचन क्रिया आसान हो जाती है। डॉ. वरलक्ष्मी कहती हैं कि अगर आप इसमें एक चुटकी सोंठ डाल दें, तो यह पचने में आसान हो जाता है क्योंकि अदरक की प्रकृति गर्म होती है।
यह किसके लिए फायदेमंद है और किसे इससे बचना चाहिए?
वात और पित्त प्रकृति वाले लोगों के लिए खजूर बहुत फायदेमंद होते हैं। यह शरीर को पोषण देता है, वजन बढ़ाने में मदद करता है और आयरन के स्तर को बेहतर बनाता है। लेकिन कफ प्रकृति वाले लोगों को इसे कम मात्रा में या डॉक्टर की सलाह पर खाना चाहिए, अन्यथा यह कफ बढ़ा सकता है।
गर्मियों में खास खजूर का पेय
एक खास आयुर्वेदिक पेय है ‘खजूर की मठ्ठी’, जो खजूर, किशमिश और अंजीर से मिलकर गर्मियों में ठंडक पहुँचाने वाला पेय है। यह शरीर को हाइड्रेटेड रखता है और अंदर से ठंडक पहुँचाता है। डॉ. वरलक्ष्मी गर्मियों में इसे पीने की सलाह देती हैं।
रोज़ कितने खजूर खाने चाहिए?
अगर आपकी प्रकृति वात या पित्त की है, तो आप नाश्ते या नाश्ते में रोज़ाना 1 से 3 खजूर खा सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें, इन्हें भिगोकर या सूखे अदरक के साथ खाना बेहतर होगा। खांसी वालों को थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए।
अगली बार जब आप खजूर खाएँ, तो इन्हें गरमागरम न खाएँ। आयुर्वेद कहता है कि ये ऐसे फल हैं जिनकी तासीर ठंडी होती है, ये त्वचा को मुलायम और पौष्टिक बनाते हैं; इन्हें सही मात्रा में और सही तरीके से खाना ज़रूरी है।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
