हमारे शरीर को ठीक से काम करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत चीनी है। इससे शरीर को ग्लूकोज़ मिलता है, जिससे ऊर्जा का स्तर बढ़ता है। लेकिन कभी-कभी ग्लूकोज़ की मात्रा बढ़ जाती है और यह रक्त में घुलने लगता है। जिसके कारण मधुमेह की बीमारी होती है। अगर ग्लूकोज़ सालों तक रक्त वाहिकाओं में जमा रहता है, तो यह नुकसान पहुँचाने लगता है। मधुमेह तब होता है जब शरीर की संकरी रक्त वाहिकाएँ बंद हो जाती हैं।
ऐसे में अगर कोई मधुमेह रोगी इस बीमारी को हल्के में लेता है, तो उसे सावधान रहने की ज़रूरत है क्योंकि यह बीमारी उसके शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुँचा सकती है। इस बीमारी में किसी भी तरह की लापरवाही शुगर, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप की समस्या बढ़ा सकती है। आइए जानते हैं कि मधुमेह से किन अंगों को नुकसान पहुँचता है।(1) हृदय मधुमेह रोगियों में सामान्य लोगों की तुलना में दिल का दौरा पड़ने की संभावना तीन गुना अधिक होती है। मधुमेह के कारण रक्त वाहिकाओं में रुकावट बढ़ जाती है। इन रोगियों में उल्टी, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। हृदय रोग के रोगियों को हर साल पूरे शरीर की जाँच करवानी चाहिए और साथ ही अपने शुगर की भी जाँच करवानी चाहिए।(2) आँखें मधुमेह रोगियों को साल में एक या दो बार अपनी आँखों की भी जाँच करवानी चाहिए क्योंकि मधुमेह रेटिना को भी प्रभावित करता है। इसके लक्षणों में आँखों के रेटिना पर सूजन, रक्त के धब्बे और कोलेस्ट्रॉल का जमाव शामिल हैं। इस बीमारी के शुरू में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, इसलिए आँखों की जाँच ज़रूरी है।(3) किडनी अगर आपके पैरों में सूजन है, शुगर लेवल में बार-बार गिरावट आ रही है, या भूख कम लग रही है, तो ये किडनी खराब होने के लक्षण हैं। किडनी फेलियर शुगर और कोलेस्ट्रॉल दोनों के बढ़े हुए स्तर के कारण होता है, इसलिए ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना ज़रूरी है।क्या कहते हैं विशेषज्ञ?जयपुर स्थित डॉ. मनीष कंडेला एक आयुर्वेदिक विशेषज्ञ हैं और उनका कहना है कि शुगर को नियंत्रित रखने के लिए आपको कुछ उपाय करने होंगे क्योंकि यह बीमारी भारत में बहुत सक्रिय है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में 8 से 10 करोड़ मधुमेह रोगी हैं। इसलिए, समय रहते इन लक्षणों को समझें और इलाज करवाएँ।इन बातों का पालन करें(1) भोजन का समय निर्धारित करें।(2) नियमित व्यायाम करें।(3) समय-समय पर अपने शुगर, कोलेस्ट्रॉल और रक्तचाप की जाँच करवाएँ।(4) बिना किसी चिकित्सकीय सलाह के मधुमेह नियंत्रण की दवाएँ न लें।(5) धूम्रपान और अस्वास्थ्यकर भोजन से बचें।मधुमेह के लक्षणहाथों और पैरों में झुनझुनी, त्वचा का काला पड़ना, संक्रमण, थकान और वजन बढ़ना इस बीमारी के लक्षण हो सकते हैं।शुगर कंट्रोल करने के घरेलू उपाय
मेथी दाना का पानी पिएं।
तुलसी-अदरक का रस पिएं।
दालचीनी का प्रयोग करें।
आप करेले का रस भी पी सकते हैं।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।