भिंडी की सब्ज़ी इतनी स्वादिष्ट होती है कि बच्चों से लेकर बड़ों तक, सभी इसे बड़े चाव से खाते हैं। इस सब्ज़ी की खासियत यह है कि यह स्वादिष्ट होती है और बहुत कम समय में तैयार हो जाती है।
अगर इसमें मौजूद पोषक तत्वों की बात करें, तो भिंडी में प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, ज़िंक, मैंगनीज़, कॉपर, फॉस्फोरस और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व होते हैं, जो इसे सेहत के लिए फायदेमंद बनाते हैं।
इन बीमारियों में भूलकर भी भिंडी का सेवन न करें
गैस और पेट फूलना
अगर आपका पाचन तंत्र पहले से ही खराब है, तो भिंडी का सेवन न करें। भिंडी में मौजूद फाइबर की अधिकता गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है।
इसके अलावा, भिंडी का अधिक सेवन कब्ज और एसिडिटी जैसी पाचन समस्याओं का कारण भी बन सकता है। अगर आपको पहले से ही पाचन संबंधी समस्याएं हैं, तो भिंडी का सेवन न करें।
गुर्दे से संबंधित समस्या
गुर्दे की बीमारी से पीड़ित लोगों को भी भिंडी का सेवन नहीं करना चाहिए। भिंडी का सेवन गुर्दे और पित्ताशय की पथरी की समस्या को और बढ़ा सकता है। आपको बता दें कि भिंडी में ऑक्सालेट की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिससे पथरी की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे लोगों को डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही भिंडी का सेवन करना चाहिए।
सर्दी-ज़ुकाम से बचें
भिंडी की तासीर ठंडी होती है। ऐसे में अगर आप पहले से ही सर्दी-ज़ुकाम या साइनस से पीड़ित हैं, तो भूलकर भी भिंडी का सेवन न करें। आपकी यह गलती सर्दी-ज़ुकाम की समस्या को बढ़ा सकती है।
उच्च रक्तचाप
उच्च रक्तचाप के रोगियों को भी भिंडी का सेवन नहीं करना चाहिए। भिंडी में पोटेशियम की अधिकता रक्तचाप के खतरे को बढ़ा सकती है।
एलर्जी की समस्या
कुछ लोगों को भिंडी से एलर्जी होती है। जिसके कारण उन्हें त्वचा पर चकत्ते, खुजली और अन्य एलर्जी हो सकती है। जिन लोगों को भिंडी से एलर्जी है, उन्हें भी इसे खाने से बचना चाहिए।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्यों के लिए है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
