हम हमेशा से सुनते आए हैं कि शराब हमारे लिए हानिकारक है। शराब हमारे लिवर को कब नुकसान पहुँचाना शुरू करती है और इसके क्या लक्षण हैं? लिवर हमारे शरीर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है।
यह रक्त को साफ़ करता है, ऊर्जा का भंडारण करता है और हानिकारक पदार्थों को तोड़ता है, लेकिन ज़्यादा शराब पीने से लिवर को नुकसान पहुँच सकता है। जब आप शराब पीते हैं, तो कुछ विषाक्त पदार्थ बनते हैं, जो लिवर को नुकसान पहुँचा सकते हैं।
यदि आप प्रतिदिन बहुत अधिक शराब पीते हैं तो यह क्षति बढ़ जाती है।
अत्यधिक शराब पीने से अल्कोहल-संबंधी यकृत रोग (एआरएलडी) होता है। यह तीन चरणों में होता है: फैटी लिवर, अल्कोहलिक हेपेटाइटिस (यकृत की सूजन) और सिरोसिस (यकृत का सख्त होना)।
दूसरा चरण अल्कोहलिक हेपेटाइटिस है। इससे लिवर में सूजन आ जाती है। इसके लक्षण थकान, उल्टी, भूख न लगना और त्वचा का पीला पड़ना (पीलिया) हैं। समय पर इलाज न होने पर यह घातक हो सकता है।
तीसरा चरण सिरोसिस है। इसमें लिवर को गंभीर क्षति पहुँचती है। और कठोर ऊतक से बदल दिया जाता है। इस अवस्था में लिवर ठीक नहीं हो पाता। कभी-कभी लिवर ट्रांसप्लांट ही अंतिम उपचार होता है।
ये लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। आँखों और त्वचा का पीला पड़ना, पेट में सूजन या दर्द, भूख न लगना, वज़न कम होना, हथेलियों का लाल होना, अत्यधिक थकान आदि लक्षणों को नज़रअंदाज़ न करें।
लिवर की सुरक्षा का सबसे आसान तरीका है शराब पीना कम करना या बंद कर देना। अगर आपको पहले से ही लिवर की समस्या है तो शराब बिल्कुल न पिएं। नियमित स्वास्थ्य जाँच करवाएँ ताकि बीमारियों का जल्द पता लगाया जा सके।
अस्वीकरण: इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। आपकी व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थितियाँ और ज़रूरतें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना ज़रूरी है।
